352 पंचायत वाले गिरिडीह में मात्र 70 गृहरक्षक

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गिरिडीह : जिले में गृह रक्षकों की संख्या में की गयी कटौती को देखते हुए उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है. कहा है कि 13 प्रखंड की 352 पंचायतों के इस जिले में मात्र 70 गृह रक्षकों की नियुक्ति की गयी है, […]

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गिरिडीह : जिले में गृह रक्षकों की संख्या में की गयी कटौती को देखते हुए उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है. कहा है कि 13 प्रखंड की 352 पंचायतों के इस जिले में मात्र 70 गृह रक्षकों की नियुक्ति की गयी है, जबकि इसे 250 करने की आवश्यकता है.

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कहा है कि यह जिला चार अनुमंडल में फैला एक बड़ा जिला है. जिले के कई प्रखंड नक्सल प्रभावित क्षेत्र हैं. डुमरी, देवरी, पीरटांड़, गावां और तिसरी अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र है. इसके अलावा यहां विभिन्न धर्म व संप्रदाय के लोग निवास करते हैं. पीरटांड़ का मधुबन विश्वप्रसिद्ध पर्यटन एवं धार्मिक स्थल के रूप में विकसित है. कहा है कि वर्तमान में जिले में गृह रक्षकों के स्वीकृत बलों की संख्या 200 से घटाकर मात्र 70 कर दी गयी है.

नक्सल समस्या एवं सांप्रदायिकता के खिलाफ विधि-व्यवस्था के संधारण के लिए गृह रक्षकों की यह संख्या पर्याप्त नहीं है. कहा है कि इस जिले में गृह रक्षकों के स्वीकृत बलों की संख्या छोटे जिले गुमला, रामगढ़, लातेहार, साहेबगंज, गोड्डा, सरायकेला आदि से भी कम है. कहा है कि विधि व्यवस्था का संधारण जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होती है. यहां इसके लिए 250 गृह रक्षकों की आवश्यकता है. कहा है कि इस जिले में गृह रक्षकों के स्वीकृत बलों की संख्या 70 को संशोधित करते हुए यहां 250 गृह रक्षकों की स्वीकृति दी जाये.

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