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सांप्रदायिक एकता की मिसाल है गांडेय का बड़कीटांड़ दुर्गा मंडप, सभी त्योहार में रहती है दोनों समुदाय की भागीदारी

Updated at : 30 Sep 2019 7:53 AM (IST)
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सांप्रदायिक एकता की मिसाल है गांडेय का बड़कीटांड़ दुर्गा मंडप, सभी त्योहार में रहती है दोनों समुदाय की भागीदारी

समशुल अंसारी, गांडेय : प्रखंड का बड़कीटांड़ दुर्गा मंडप सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल है. यहां न दुर्गा पूजा के अलावा मुहर्रम, छठ, होली-दिवाली में भी गंगा-जमुनी तहजीब झलकती है. जानकारी के अनुसार वर्ष 1941 में स्व. भोली दास ने बड़कीटांड़ हरिजन टोला में दुर्गा पूजा की शुरुआत की थी. कालांतर में स्व. दास के पुत्र […]

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समशुल अंसारी, गांडेय : प्रखंड का बड़कीटांड़ दुर्गा मंडप सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल है. यहां न दुर्गा पूजा के अलावा मुहर्रम, छठ, होली-दिवाली में भी गंगा-जमुनी तहजीब झलकती है. जानकारी के अनुसार वर्ष 1941 में स्व. भोली दास ने बड़कीटांड़ हरिजन टोला में दुर्गा पूजा की शुरुआत की थी. कालांतर में स्व. दास के पुत्र राजकुमार दास के नेतृत्व में पूजा व मेले का स्वरूप बढ़ा और वर्तमान में दुर्गा मंडप भव्य मंदिर के रूप में विराजमान है. प्रारंभ काल से ही हिंदू-मुस्लिम मिलकर दुर्गा पूजा करते रहे हैं.

शुरुआती समय में मुस्लिम समुदाय की बैलगाड़ी से प्रतिमा विसर्जन किया जाता था, लेकिन अब ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया जाता है. कलश स्थापन से लेकर दशमी तक दोनों समुदाय के लोग पूजा व मेले के आयोजन में सक्रिय रहते हैं. दोनों समुदाय के लोग मन्नत मांगते हैं और मन्नत पूरी होने पर भोग चढ़ाते हैं.
पूजा कमेटी में दोनों समुदाय के पदाधिकारी व सदस्य
बड़कीटांड़ दुर्गा मंडप के निदेशक राजकुमार रविदास ने कहा कि पूजा कमेटी मे दोनों समुदाय के लोगों की भागीदारी होती है. पूजा समिति में रंजीत सिंह, विजय कुमार दास, सुरेश घटवार, मनोज दास, मेहताब मिर्जा, रजाक अंसारी, अशोक राम, दारा सिंह, छतरू गोप, मेहबूबू आलम, मो अबुल, मो समशुल, नौशाद अंसारी, गोपाल राणा, विजय गोस्वामी समेत कई शामिल हैं.
124 वर्ष पूर्व मुस्लिम जमींदार ने शुरू करायी थी दुर्गा पूजा
जमुआ. गंगा-जमुनी तहजीब के मुरीद रहे जमींदार ख्वाजा मिरनजान ने प्रखंड के मिर्जागंज में वर्ष 1895 में दुर्गा पूजा की शुरुआत की थी. वर्तमान में भी मुस्लिम परिवार के लोग यहां पूजा के आयोजन में भूमिका निभाते हैं.
पूर्व में मुस्लिम जमींदार के परिजन ही पूजा में होने वाले खर्च का वहन करते थे. बाद में सार्वजनिक खर्च से पूजा का आयोजन किया जाने लगा. वर्ष 2009 में उद्योग पति मोहनलाल साव ने मंदिर को भव्य रूप दिया. आस्था के केंद्र इस मंदिर में दुर्गा जी के सज्जा के लिए अग्रिम बुकिंग होती है.
इस बाबत समिति के अध्यक्ष रंजीत कुमार साव ने बताया कि वर्ष 2047 तक सज्जा के लिए बुकिंग हो चुकी है. बताया कि दुर्गापूजा को ले यहां समिति गठित हो चुकी है. इसमें अध्यक्ष रंजीत कुमार साव, उपाध्यक्ष सुनील वर्मा, सूचित साव, सचिव सदानंद साहू, मीडिया प्रभारी पंकज साव,कोषाध्यक्ष संतोष कुमार साव, संरक्षक बिजय कु चौरसिया, महामंत्री बिजय साव के अलावे 21 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है.
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