फिरौती के लिए अपहरण मामले में एक को उम्रकैद

Updated at : 28 Feb 2019 6:17 AM (IST)
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फिरौती के लिए अपहरण मामले में एक को उम्रकैद

20 हजार का जुर्माना, जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा गिरिडीह : जिला व सत्र न्यायाधीश द्वितीय कुमार दिनेश की अदालत ने बुधवार को फिरौती के लिए अपहरण मामले में कोडरमा के डोमचांच निवासी प्रदीप सिंह को धारा 364ए/34 भादवि में दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनायी. साथ ही अदालत ने […]

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20 हजार का जुर्माना, जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा

गिरिडीह : जिला व सत्र न्यायाधीश द्वितीय कुमार दिनेश की अदालत ने बुधवार को फिरौती के लिए अपहरण मामले में कोडरमा के डोमचांच निवासी प्रदीप सिंह को धारा 364ए/34 भादवि में दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनायी. साथ ही अदालत ने 20 हजार रुपये का जुर्माना भी किया. जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी.
इसके अलावा अदालत ने धारा 363/34 में सात वर्ष की सजा और दस हजार रुपये भी जुर्माना किया है. जुर्माना जमा नहीं करने पर छह माह कारावास की सजा काटनी होगी. अदालत ने कहा कि सभी सजा साथ-साथ चलेगी. सूचक धनवार थाना अंतर्गत कैलपुर निवासी जीवलाल सिंह यादव के बयान पर धनवार थाना में 24.11.2014 को कांड संख्या 186/04 के तहत मामला दर्ज कराया गया था.
इसमें सूचक ने कहा था कि फिरौती के लिए उसके पुत्र शशि यादव का अपहरण प्रदीप सिंह, रंजीत गोस्वामी, प्रदीप यादव व अरुण यादव ने कर लिया. बाद में पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया. इसमें प्रदीप सिंह को छोड़ शेष आरोपी जमानत मिलने के बाद अदालत में हाजिर नहीं हुए. ट्रायल के बाद अदालत ने प्रदीप सिंह को सजा सुनायी है. मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक मनोज कुमार सिंह व बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विपिन कुमार यादव ने बहस की.
नाबालिग के अपहरण मामले में धीरज पासवान को सजा : विशेष न्यायाधीश सह जिला व सत्र न्यायाधीश राम बाबू गुप्ता की अदालत ने बुधवार को नाबालिग के अपहरण मामले में मुफस्सिल थाना के शीतलपुर निवासी धीरज पासवान को दस वर्ष की सजा व पांच हजार का जुर्माना किया है. वहीं पोक्सो एक्ट में अदालत ने दस वर्ष की सजा तथा तीन हजार रुपये जुर्माना किया. सूचक ने मुफस्सिल थाना में 12.07.2017 को कांड संख्या 254/17 के तहत धारा 366ए भादवि, 4,8 पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था. सूचक ने कहा था कि छह जुलाई 2017 को उसकी बेटी का अपहरण किया गया था.
जांच के बाद वह धीरज पासवान के घर पहुंचा. तब धीरज पासवान समेत गुलाब पासवान, सितवा पासवान, दिनेश पासवान, अनिल पासवान, सूरज पासवान ने उसे मारपीट की धमकी दी. आरोपियों ने उसके घर में घुसकर भी उसके साथ मारपीट की. धीरज ने उसे हत्या की धमकी भी दी. मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक अजय कुमार साह ने अदालत में 11 गवाहों के बयान का परीक्षण कराया. अदालत ने धीरज पासवान को दोषी पाकर सजा सुनायी है.
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