विषयवार पढ़ाई नहीं होने से रिजल्ट पर असर

Updated at :10 Oct 2017 10:13 AM
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विषयवार पढ़ाई नहीं होने से रिजल्ट पर असर

गिरिडीह : जिले के उच्च विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की भारी कमी है. इसका सीधा असर मैट्रिक के रिजल्ट पर पड़ रहा है. इससे अभिभावक के साथ-साथ बच्चे भी परेशान है. जानकारी के अनुसार गिरिडीह जिले में 42 उच्च विद्यालय व 103 उत्क्रमित उच्च विद्यालय है. इन विद्यालयों में सृजित पद के अनुसार शिक्षक पदस्थापित […]

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गिरिडीह : जिले के उच्च विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की भारी कमी है. इसका सीधा असर मैट्रिक के रिजल्ट पर पड़ रहा है. इससे अभिभावक के साथ-साथ बच्चे भी परेशान है. जानकारी के अनुसार गिरिडीह जिले में 42 उच्च विद्यालय व 103 उत्क्रमित उच्च विद्यालय है. इन विद्यालयों में सृजित पद के अनुसार शिक्षक पदस्थापित नहीं है. राजकीयकृत उच्च विद्यालय में विषयवार 468 शिक्षकों का पद सृजन किया गया है. इसके विरुद्ध उच्च विद्यालयों में 108 शिक्षक पदस्थापित है. इसी प्रकार उत्क्रमित उच्च विद्यालय में शिक्षकों के 1041 पद का सृजन हुआ है और यहां 103 शिक्षक पदस्थापित हैं. पूरे जिले में 1509 शिक्षक के विरुद्ध 211 शिक्षक ही पदस्थापित हैं. विषयवार शिक्षक पदस्थापित नहीं रहने से बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है. नियमत: प्रत्येक उच्च विद्यालयों में 11 शिक्षकों का पदस्थापन किया जाना है.
गणित, विज्ञान व अंग्रेजी विषय के शिक्षकों की है कमी : विद्यालयों में गणित, विज्ञान व अंग्रेजी विषय के शिक्षकों की घोर कमी है. पूरे जिले में गणित विषय में 19, विज्ञान विषय में 12 व अंग्रेजी विषय में 32 शिक्षक ही पदस्थापित हैं. जबकि प्रत्येक उच्च विद्यालय में विषयवार 145 शिक्षक होना चाहिए. इन विषयों में शिक्षक नहीं रहने के कारण दूसरे विषय के शिक्षकों से पठन-पाठन का कार्य कराया जा रहा है. इससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई से वंचित रहना पढ़ रहा है.
तीन शिक्षकों पर हो चुकी है कार्रवाई
इधर, वर्ष 2017 में 40 प्रतिशत से कम रिजल्ट रहने पर तीन शिक्षकों पर कार्रवाई हो चुकी है. जिले के प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय अहिल्यापुर, प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय डुमरी व उत्क्रमित उच्च विद्यालय खिजोरसोता के शिक्षक के वार्षिक वेतन पर मानव संसाधन विकास विभाग ने रोक लगा दी है. इस संबंध में माध्यमिक शिक्षक संघ के कार्यसमिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि सरकार सबसे पहले उच्च विद्यालयों में विषयवार शिक्षक बहाल करे और इसके बाद रिजल्ट खराब रहती है, तब शिक्षक पर कार्रवाई हो. बिना शिक्षक दिये सरकारी स्तर पर कार्रवाई उचित नहीं है.
विभाग को भेजी जा चुकी है सूचना : डीइओ
डीइओ निर्मला कुमारी बरेलिया ने कहा कि उच्च विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है. विभाग को इसकी सूचना भेज दी गयी है. बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए विभागीय स्तर से प्रशिक्षु शिक्षकों को लगाया गया है. पूरे जिले में 400 प्रशिक्षु शिक्षक पठन-पाठन कार्य से जुड़े हुए हैं. जिन उच्च विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, रिपोर्ट आने के बाद वहां प्रशिक्षु शिक्षक दिये जायेंगे.
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