हत्या मामले में चार महिला समेत नौ लोगों को आजीवन कारावास

Updated at :19 Sep 2017 9:32 AM
विज्ञापन
हत्या मामले में चार महिला समेत नौ लोगों को आजीवन कारावास

हीरोडीह थाना क्षेत्र के डोंगोडीह में वर्ष 2007 को पंचायती के दौरान हुई हत्या मामले में फैसला सोमवार को आया. अदालत में नौ हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी है. गिरिडीह : जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) कुमार दिनेश की अदालत ने हत्या मामले में चार महिला समेत नौ को सश्रम आजीवन कारावास […]

विज्ञापन
हीरोडीह थाना क्षेत्र के डोंगोडीह में वर्ष 2007 को पंचायती के दौरान हुई हत्या मामले में फैसला सोमवार को आया. अदालत में नौ हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी है.
गिरिडीह : जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) कुमार दिनेश की अदालत ने हत्या मामले में चार महिला समेत नौ को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनायी.
सजा पानेवालों में हीरोडीह थाना क्षेत्र के डोंगोडीह के अर्जुन विश्वकर्मा, ईश्वर विश्वकर्मा, प्रकाश विश्वकर्मा, राजेश विश्वकर्मा, प्रदीप विश्वकर्मा, बुंदिया देवी, राम दुलारी देवी, कजली देवी एवं कौशल्या देवी शामिल हैं. सभी को धारा 147 भादवि में दो साल सश्रम कारावास, धारा 148 भादवि में तीन साल सश्रम कारावास एवं धारा 302/149 भादवि में सश्रम आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को 20-20 हजार रुपये का जुर्माना किया है. अदालत ने जुर्माना की राशि मृतक के आश्रित को देने का आदेश दिया है. जुर्माना की राशि नहीं देने पर हत्यारों के चल-अचंल संपत्ति बेचकर आश्रित को देने का निर्देश दिया गया है.
मामला जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र के डोंगोडीह का है. इस मामले के सूचक डोंगोडीह के किशोर विश्वकर्मा है. हीरोडीह थाना में 20 नवंबर 2017 को प्राथमिकी (99/2007) दर्ज की गयी थी. यह प्राथमिकी मृतक भागीरथ विश्वकर्मा के पिता किशोर के फर्द बयान पर दर्ज की गयी थी.
क्या है मामला : दर्ज प्राथमिकी में किशोर विश्वकर्मा ने कहा था कि 26 नवंबर 2007 को दोपहर लगभग तीन बजे अपने गोतिया अर्जुन श्विकर्मा के साथ चल रहे भू-विवाद को लेकर पंचायत बुलायी गयी थी.
पंच के तौर पर अनवर अंसारी, सुरेंद्र रविदास, लक्ष्मण पासवान, कैला रविदास, बुधन रविदास, घपरू मियां, रामेश्वर सिंह, तीतू राय, गणेश विश्वकर्मा, नकुल विश्वकर्मा, रामकिशुन यादव, वंशी महतो, जीवलाल महतो, लठू जुटे थे. इसी दौरान अर्जुन गाली-गलौज करने लगा. इसके बाद बुंदिया देवी, कौशल्या देवी, कजली देवी एवं राम दुलारी देवी दौड़कर घर चली गयी और डंडा, बरछा तथा लोहा का रड लेकर आयी.
इसके बाद अर्जुन ने उसके(किशोर) पुत्र भागीरथ विश्वकर्मा को उठाकर कुछ दूर ले गया और मारपीट शुरू कर दी. किसी तरह पंच तथा ग्रामीणों के सहयोग से उनके परिवार के अन्य लोग बचे. भागीरथ को घायल करने के बाद आरोपी वहां से भाग गये. इसके बाद किसी तरह ग्रामीणों के सहयोग से भागीरथ को वे लोग गिरिडीह सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola