करोड़ों खर्च करने के बाद भी नहीं सुधरी गावां की चिकित्सा व्यवस्था

Updated at :10 Jul 2017 12:24 PM
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करोड़ों खर्च करने के बाद भी नहीं सुधरी गावां की चिकित्सा व्यवस्था

गावां प्रखंड में स्वास्थ्य सेवा का लाभ ग्रामीणाें को नहीं मिल पा रहा है. संसाधन और कर्मचारियों की कमी से कई उपस्वास्थ्य केंद्र बंद पड़े हैं, जबकि वर्षों पूर्व शिलान्यास होने के बावजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन अब तक अधूरा पड़ा है. इस स्थिति ने चिकित्सा विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिये […]

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गावां प्रखंड में स्वास्थ्य सेवा का लाभ ग्रामीणाें को नहीं मिल पा रहा है. संसाधन और कर्मचारियों की कमी से कई उपस्वास्थ्य केंद्र बंद पड़े हैं, जबकि वर्षों पूर्व शिलान्यास होने के बावजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन अब तक अधूरा पड़ा है. इस स्थिति ने चिकित्सा विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिये हैं. ग्रामीण छोटे-मोटे इलाज के लिए भी निकटवर्ती शहरों पर आश्रित रहते हैं.
गावां. गावां प्रखंड में करोड़ों खर्च के बाद भी स्वास्थ्य सेवा की स्थिति बद से बदतर बनती जा रही है. 17 पंचायतों वाले इस प्रखंड में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की संख्या एक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एक व स्वास्थ्य उपकेंद्र की संख्या 11 है. प्रखंड में कुल चार चिकित्सक, छह एएनएम व 35 एनपीउब्ल्यू की नियुक्ति की गयी है. एएनएम की कमी के कारण पिहरा, बरमसिया, कहुआई, चरकी, पसनौर, बादीडीह व सेरुआ का स्वास्थ्य उपकेंद्र बंद पड़ा है. इसी प्रकार पिहरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी वर्षों से ताला लटका है. गावां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति भी कर्मियों व स्थान की कमी के कारण काफी दयनीय है.
13 जुलाई 2007 को रखी गयी थी भवन की आधारशिला : गावां में सामुदायिक केंद्र का निर्माण कई वर्ष बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है. केंद्र निर्माण के लिए भवन की आधारशिला 13 जुलाई 2007 को पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी व तात्कालीन विधायक डाॅ रवींद्र राय ने रखी थी. उक्त भवन का निर्माण कार्य लगभग एक दशक बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा है. निर्माण लगभग डेढ़ करोड़ की लागत से किया जाना था.
पिहरा प्राथमिक स्वाथ्य केंद्र में बंधे रहते हैं मवेशी
इसी प्रकार पिहरा में भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण लगभग आठ वर्ष पहले शुरू हुआ जो अब तक पूरा नहीं हुआ. पिहरा के अधूरे भवन में इस समय मवेशियों को बांधा जा रहा है.
कई कमरों में आसपास के लोग पुआल व गोबर रखकर भवन को अपने कब्जे में रखे हुए हैं, जबकि भवन के ग्रील आदि गायब होते जा रहे हैं. प्रखंड के बरमसिया में भी लाखों की लागत से स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण करवाया गया, जिसका अबतक उद्घाटन नहीं हो सका. पिहरा में लगभग 11 वर्ष पूर्व स्वास्थ्य उपकेन्द्र का निर्माण लाखों की लागत से हुआ था. अब तक उसका भी उद‍्घाटन कर विभाग को सौंपा नहीं जा सका है,जबकि वहां केंद्र भाड़े के भवन में संचालित है.
छोटे से भवन में चल रहा है स्वास्थ्य केंद्र
गावां का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इस समय छोटे व जर्जर भवन में संचालित किया जा रहा है. एक ही कमरे में कई महिलाओं का एक साथ प्रसव करवाया जाता है. बंध्याकरण के बाद महिलाओं को बरामदे में फर्श पर रात बितानी पड़ती है. परिसर में चिकित्सकों व कर्मियों के आवास की स्थिति भी काफी दयनीय है.
पिहरा केंद्र संचालन के लिए भाड़े पर भवन को लिया गया है. विभाग उक्त भवन का किराया देता है, लेकिन भवन का कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है. क्योंकि अक्सर उसमें ताला लटका रहता है. ग्रामीण क्षेत्रों के केन्द्रों के लिए प्रखंड में कुल 35 एनपीडब्ल्यू की नियुक्ति की गयी है, लेकिन वे क्षेत्र में कम ही दिखायी पड़ते हैं.
होग उग्र आंदोलन : विधायक
विधायक राजकुमार यादव ने कहा कि गावां व पिहरा में अधूरे भवन का मामला वे पिछले सत्र में उठा चुके हैं. आश्वासन दिया गया था कि शीघ्र ही अधूरे भवन का री-एस्टीमेट बनवाकर उसे पूरा करवाया जायेगा, लेकिन अबतक उसे अमली जामा पहनाया नहीं जा सका है. मामले को वे जिला निगरानी समिति में भी रख चुके है. अगले विधानसभा सत्र में भी मामले को उठाया जायेगा. यदि सरकार इसपर पहल नहीं करती है तो घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन व भूख हड़ताल की जायेगी.
रिवाइज एस्टिमेट के लिए भेजा गया है प्रतिवेदन : जेइ
जेइ चुन्नू उरांव ने कहा कि पिहरा में स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण के लिए विभाग के पास रिवाइज एस्टीमिट भेजा गया है. जब तक एस्टीमेट नहीं आ जाता है, तब तक भवन का निर्माण पूरा नहीं हो सकता. एस्टीमेट के अनुसार राशि की स्वीकृति मिलने के बाद काम पूरा किया जायेगा.
कर्मियों की कमी से हो रही है परेशानी : डॉ बड़ाइक
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुनील बड़ाइक ने कहा कि कर्मियों की कमी के कारण स्वास्थ्य उपकेंद्र बंद पड़े है. भवन निर्माण पूर्ण नहीं होने से भी परेशानी हो रही है. मरीजों को भर्ती लेने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है. इस बाबत विभाग को सूचना दी गयी है. शीघ्र ही व्यवस्था में सुधार होगा.
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