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रमकंडा में दिन में यूरिया का स्टॉक नहीं, रात में हो रही कालाबाजारी

Updated at : 22 Aug 2025 9:27 PM (IST)
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रमकंडा में दिन में यूरिया का स्टॉक नहीं, रात में हो रही कालाबाजारी

किसानों से वसूली जा रही दोगुनी कीमत, प्रशासन की कार्रवाई बेअसर

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किसानों से वसूली जा रही दोगुनी कीमत, प्रशासन की कार्रवाई बेअसर – 266 रुपये प्रति बोरी पर यूरिया उपलब्ध कराने का है निर्देश – 600 से 700 रुपये में अवैध तरीके से बेचा जा रहा यूरिया मुकेश तिवारी, रमकंडा उपायुक्त दिनेश कुमार यादव द्वारा दो दिन पहले ही किसानों को सरकारी दर 266 रुपये प्रति बोरी पर यूरिया उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया था. साथ ही निर्देश दिया गया था कि निर्धारित दर पर बिक्री नहीं करने वाले डीलरों पर कार्रवाई होगी, लेकिन रमकंडा प्रखंड में इसका उलटा असर देखने को मिल रहा है. यहां वैध उर्वरक डीलर दिन में किसानों को यूरिया उपलब्ध नहीं होने की बात कह रहे हैं, जबकि रात के अंधेरे में वहीं यूरिया 600 से 700 रुपये प्रति बोरी खुलेआम बेचा जा रहा है. किसानों ने आरोप लगाया है कि दुकानदार पहले स्टॉक समाप्त बताकर उन्हें लौटा देते हैं, लेकिन अधिक दाम देने पर रात में यूरिया उपलब्ध कराते हैं. रमकंडा पैक्स लिमिटेड में यूरिया 266 रुपये की बजाय 300-320 रुपये प्रति बोरी तक बेचा गया. वहीं निजी दुकानों पर यही यूरिया 600-700 रुपये में किसानों को दिया जा रहा है. डीलरों का कहना है कि परिवहन और मजदूरी खर्च के कारण 266 रुपये पर बिक्री संभव नहीं है. लेकिन किसान इसे सीधी कालाबाजारी बता रहे हैं. किसानों की पीड़ा किसान उदय प्रसाद गुप्ता और बिनोद प्रजापति ने बताया कि स्थानीय डीलर पिंटू साह की दुकान से उन्हें 650 रुपये में यूरिया देने की बात कही गयी. कई किसानों का कहना है कि दुकानदार पहले पैसा जमा कराते हैं और फिर देर शाम यूरिया उपलब्ध कराते हैं. प्रशासन की लापरवाही जिला प्रशासन ने हाल ही में रमकंडा के डीलरों की सूची और मोबाइल नंबर सार्वजनिक किये थे. लेकिन जैसे ही यह सूची सामने आयी, अगले ही दिन दुकानों में स्टॉक शून्य दिखा दिया गया. किसानों का सवाल है कि यदि स्टॉक खत्म है तो फिर रात में कालाबाजारी कैसे हो रही है. जांच का दिया है आदेश: कृषि पदाधिकारी इस संबंध में पूछे जाने पर जिला कृषि पदाधिकारी खुश्बू पासवान ने कहा कि मामले की जांच करायी जायेगी. अंचल अधिकारी को भी इसकी जांच का निर्देश दिया गया है. उन्होंने दावा किया कि यूरिया की किल्लत दूर करने का प्रयास जारी है और दोषियों पर कार्रवाई होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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