गढ़वा सदर अस्पताल में दो डायलिसिस मशीनें खराब, कतार में लगे मरीज

Updated:
विज्ञापन
सदर अस्पताल में दो डायलिसिस मशीनें खराब, कतार में लगे मरीज, इलाज के लिए मचा हाहाकार | Prabhat Khabar Network

सदर अस्पताल में दो डायलिसिस मशीनें खराब, कतार में लगे मरीज, इलाज के लिए मचा हाहाकार | Prabhat Khabar Network

गढ़वा सदर अस्पताल में चार में से दो डायलिसिस मशीनें खराब होने से मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इलाज के लिए भटक रहे हैं किडनी के गंभीर रोगी।

विज्ञापन

गढ़वा: गढ़वा सदर अस्पताल स्थित डायलिसिस सेंटर की चार में से दो मशीनें लंबे समय से तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ी है. इस वजह से जिले भर से आने वाले गंभीर किडनी रोगियों को इलाज के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सेंटर का संचालन पीपीपी मोड के तहत एसकाग संजीवनी संस्था द्वारा किया जा रहा है.

कुल चार में से मात्र दो मशीनों के भरोसे सेंटर चलने के कारण सोमवार से ही 10 से 15 मरीजों की लंबी कतार लगी हुई है और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. ज्ञात हो कि एक मरीज के डायलिसिस में औसतन चार घंटे का समय लगता है. ऐसे में मात्र दो चालू मशीनों से प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या को संभालना पूरी तरह असंभव साबित हो रहा है.

दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से पहुंचने वाले मरीज और उनके परिजन दिनभर अस्पताल के गलियारों में इंतजार करने को विवश हैं. कई अति गंभीर मरीजों की स्थिति देर होने से बिगड़ने लगती है, जिसके चलते परिजनों को मजबूरी में महंगे निजी अस्पतालों या दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा है.

2021 में मरीजों की सहूलियत के लिए शुरू हुई थी सेवागढ़वा सदर अस्पताल के इस डायलिसिस सेंटर का उदघाटन वर्ष 2021 में तत्कालीन मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर द्वारा किया गया था.

इसका मुख्य उद्देश्य गढ़वा व आसपास के इलाकों के गरीब व जरूरतमंद किडनी मरीजों को स्थानीय स्तर पर राहत पहुंचाना था, ताकि उन्हें रांची या बनारस न जाना पड़े. लेकिन प्रबंधन की उदासीनता के कारण बार-बार मशीनें खराब रहने से इस जन-कल्याणकारी योजना के उद्देश्य पर पानी फिर रहा है.

बीपीएल को मुफ़्त और सामान्य से 1206 रुपये शुल्क

नियम के मुताबिक डायलिसिस सेंटर में बीपीएल कार्डधारियों को पूरी तरह नि:शुल्क सेवा देने का प्रावधान है, जबकि एपीएल वर्ग के मरीजों से प्रति डायलिसिस 1,206 रुपये का निर्धारित शुल्क लिया जाता है.

मरीजों व परिजनों का कहना है कि जब आधी से ज्यादा मशीनें बंद पड़ी रहेंगी, तो सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का लाभ उन तक कैसे पहुंचेगा. परिजनों ने जल्द से जल्द खराब मशीनों की मरम्मत या नयी मशीनों की व्यवस्था करने की पुरजोर मांग की है.

मामले पर सदर अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. माहेरू यामानी ने कहा कि अस्पताल प्रशासन मरीजों को हो रही असुविधा को लेकर पूरी तरह संजीदा है.डायलिसिस सेवा को सुचारु बनाने के लिए त्वरित प्रयास किये जा रहे हैं.

संचालन एजेंसी से अविलंब मशीनों को दुरुस्त करने को कहा गया है. इसके साथ ही मरीजों को राहत देने के लिए सदर अस्पताल के अपने स्तर से भी डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है.


विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola