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एक ही जमीन की दो बार हुई बिक्री

Updated at : 06 Nov 2025 9:25 PM (IST)
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एक ही जमीन की दो बार हुई बिक्री

गढ़वा अंचलाधिकारी ने डीसी को सौंपी जांच रिपोर्ट

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गढ़वा अंचलाधिकारी ने डीसी को सौंपी जांच रिपोर्ट जितेंद्र सिंह गढ़वा गढ़वा सदर अंचलाधिकारी ने एक जमीन विक्री विवाद से जुड़ा गंभीर मामला उजागर करते हुए उपायुक्त को विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपी है. इस रिपोर्ट में यह पाया गया है कि एक ही जमीन को दो अलग-अलग व्यक्तियों को बेचा गया है. मामले की जांच प्रभारी अंचल निरीक्षक गढ़वा द्वारा की गई, जिसमें आरोप सत्य साबित हुआ. रिपोर्ट के अनुसार विक्रेता जितेंद्र तिवारी, पिता स्वर्गीय बसंत तिवारी ने वर्ष 2015 में ग्राम करुआ कला निवासी आशा देवी, पत्नी सुदर्शन तिवारी को भूमि का एक हिस्सा बेचा था. इसके बावजूद उन्होंने वर्ष 2016 में उसी भूमि को सत्येंद्र तिवारी, पिता नंदगोपाल तिवारी को दोबारा बेच दिया. जांच प्रतिवेदन के मुताबिक, विवादित भूमि ग्राम नावाडीह, थाना संख्या-331, खाता संख्या-43, प्लॉट संख्या-02 में स्थित है, जिसका कुल रकबा 0.10 एकड़ है. इस भूमि को जितेंद्र तिवारी ने केवाला संख्या 4287, दिनांक 06 जुलाई 2015 के तहत नंदलाल धर दुबे से खरीदा था. इसके बाद उन्होंने इसी भूमि में से 0.04 एकड़ हिस्सा आशा देवी को केवाला संख्या 4445, दिनांक 14 जुलाई 2015 के माध्यम से बेच दिया. बावजूद इसके, वर्ष 2016 में उन्होंने इसी भूमि से दो हिस्से—0.06 एकड़ (केवाला संख्या 940, दिनांक 25 अप्रैल 2016) और 0.04 एकड़ (केवाला संख्या 1446, दिनांक 11 जून 2016)—सत्येंद्र तिवारी को पुनः विक्रय कर दिये. इस तरह कुल 0.10 एकड़ की खरीदी गई भूमि से 0.14 एकड़ की बिक्री कर दी गयी, जो भूमि अभिलेखों के अनुसार गलत पायी गयी. रिपोर्ट में यह स्पष्ट कहा गया है कि जब वर्ष 2015 में भूमि का एक भाग पहले ही आशा देवी को बेचा जा चुका था, तो उसी प्लॉट को पुनः बेचना कानूनन अपराध है. जांच में यह भी सामने आया कि वर्तमान में उक्त भूमि पर आशा देवी का कब्जा नहीं है. उन्होंने बताया कि विक्रेता ने चार लाख रुपये लौटाने का वादा किया था, परंतु अब तक राशि वापस नहीं की गयी. अंचलाधिकारी ने रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि यह मामला जालसाजी का प्रतीत होता है, इसलिए आवेदिका को विक्रेता के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की सलाह दी गयी है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भूमि रैयती खाते की है, अतः आवेदिका दखल-विहानी के लिए सक्षम न्यायालय में वाद दायर कर सकती हैं. इस संबंध में ज्ञापांक-104, दिनांक 09 सितंबर 2025 के माध्यम से रिपोर्ट उपायुक्त गढ़वा को भेजी गयी है तथा इसकी प्रति आशा देवी को भी सूचनार्थ प्रेषित की गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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