‘कॉफी विद एसडीएम’: गढ़वा में अपनों को खोने वाले परिवारों के साथ प्रशासन ने साझा किया दुख

Updated:
विज्ञापन
coffee with sdm

गढ़वा में कॉफी विद एसडीएम

Garhwa News: गढ़वा में ‘कॉफी विद एसडीएम’ पहल के तहत एसडीएम संजय कुमार ने आपदा व हादसों में अपनों को खोने वाले परिवारों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट

Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले के सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार की अनूठी पहल ‘कॉफी विद एसडीएम’ के तहत बुधवार को अनुमंडल कार्यालय में एक भावुक और संवेदनशील बैठक हुई. इस साप्ताहिक संवाद कार्यक्रम में एसडीएम ने आपदा और हादसों में अपनों को खोने वाले परिवारों की पीड़ा सुनी.  एसडीएम संजय कुमार ने अनुमंडल क्षेत्र के अलग-अलग प्रखंडों से आए पीड़ित परिवारों से सीधा संवाद किया. इस दौरान वज्रपात, सर्पदंश, डूबने और सड़क दुर्घटना जैसी आपदाओं से प्रभावित लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं.

युवाओं की असमय मौत पर चिंता 

बैठक में यह चिंताजनक तथ्य सामने आया कि सड़क हादसों में जान गंवाने वाले अधिकांश युवा 18 से 25 वर्ष के आयु वर्ग के थे. एसडीएम ने युवाओं की असमय मौत पर गहरी चिंता जताई.उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को बाइक देने से पहले यातायात नियमों और हेलमेट की अनिवार्यता के प्रति जागरूक करें.कहा कि जनहानि की भरपाई तो नहीं की जा सकती, लेकिन प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है. हमारा उद्देश्य है कि कोई भी योग्य व्यक्ति सरकारी लाभ से वंचित न रहे. 

मौके पर ये लोग रहे मौजूद 

इस मौके पर आपदा राहत विभाग के जिला स्तरीय पदाधिकारी, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी कार्यालय के कर्मी और अनुमंडल कार्यालय के कर्मचारी मौजूद रहे. एसडीएम ने सभी पीड़ितों को अपना संपर्क नंबर भी उपलब्ध कराया जिससे कि भविष्य में उन्हें किसी कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें. 

मौके पर दिया निर्देश 

हिट एंड रन से लेकर वज्रपात तक के मामलों में जहां मुआवजा लंबित था, वहां संबंधित अंचलाधिकारी और थाना प्रभारियों को तत्काल रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया. 

प्रमुख मामले और प्रशासनिक पहल 

बैठक में कई परिवारों ने अपनी आर्थिक और सामाजिक परेशानियां साझा की. 

शिक्षा और पालन-पोषण:- वीरबंधा की रीना देवी और बाना के पति प्रजापति के बच्चों के लिए स्पॉन्सरशिप योजना और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए. 

मुआवजा और सहायता:- रजहारा के जुगलराज को पशु मृत्यु के मुआवजे और लुकमान अंसारी को गिरे हुए घर की सहायता के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया. 

राहत से संतोष 

अधिकांश परिवारों ने अब तक मिली प्रशासनिक राहत पर संतोष जताया, वहीं जो मामले ट्रिब्यूनल या लंबित थे, उन पर एसडीएम ने यथासंभव पहल का भरोसा दिया.

इसे भी पढ़ें: झारखंड में जल्द लागू होगी नई हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम, लाखों सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

इसे भी पढ़ें: गढ़वा के मिलावटखोरों पर एसडीएम साहेब का सर्जिकल स्ट्राइक, 3 क्विंटल मिठाइयां मिट्टी में दफन

विज्ञापन
श्वेता वैद्य

लेखक के बारे में

By श्वेता वैद्य

श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में श्वेता झारखंड बीट को कवर कर रही हैं, जहां वह राज्य की ताजा खबरें, लोगों की भलाई से जुड़े मुद्दे, सरकारी योजनाओं, स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विषयों पर आधारित स्टोरीज तैयार करती हैं. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.

झारखंड बीट से पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर आर्टिकल लिखे.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola