गढ़वा के रमना में आंगनबाड़ी केंद्र बंद, औचक निरीक्षण में कर्मचारियों पर भड़के डीसी

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 29 May 2026 5:12 PM

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रमना में निरीक्षण करते डीसी पशुपतिनाथ मिश्रा. फोटो: प्रभात खबर

Garhwa News: गढ़वा के रमना प्रखंड में उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा के औचक निरीक्षण में आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिला और कई कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए. डीसी ने लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए दोषियों पर कार्रवाई और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का निर्देश दिया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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रमना से दिनेश गुप्ता की रिपोर्ट

Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले के उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने शुक्रवार को रमना प्रखंड क्षेत्र में प्रशासनिक व्यवस्था और विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए औचक निरीक्षण किया. डीसी के अचानक पहुंचने से प्रखंड कार्यालय समेत विभिन्न विभागों में हड़कंप मच गया. निरीक्षण के दौरान कई जगह लापरवाही सामने आने पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई.

मड़वानिया गांव में बंद मिला आंगनबाड़ी केंद्र

निरीक्षण की शुरुआत उपायुक्त ने रमना प्रखंड के मड़वानिया गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र से की. जब डीसी वहां पहुंचे तो केंद्र बंद मिला और दरवाजे पर ताला लटका हुआ था. आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिलने पर उपायुक्त ने गहरी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को मामले की तत्काल जांच करने और दोषी सेविका तथा सहायिका के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण एवं स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन सरकार की प्राथमिकता है और इसमें कोताही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

योजनाओं में लापरवाही पर नाराजगी

डीसी पशुपतिनाथ मिश्रा ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. यहां पोषण आहार, टीकाकरण और स्वास्थ्य संबंधी कई योजनाओं का संचालन होता है. ऐसे में केंद्र बंद रहना गंभीर लापरवाही का मामला है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि केंद्र तय समय पर खुले और लाभुकों को योजनाओं का लाभ मिले.

प्रखंड कार्यालय में भी दिखी लापरवाही

आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के बाद उपायुक्त सीधे रमना प्रखंड कार्यालय पहुंचे. वहां उन्होंने विभिन्न शाखाओं और पटलों का बारीकी से निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी अपनी सीट से गायब मिले. कुछ कर्मियों के समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने की बात भी सामने आई. कर्मचारियों की अनुपस्थिति और लेटलतीफी देखकर डीसी नाराज हो गए. उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और समय पालन अनिवार्य है. जनता अपने कार्यों के लिए कार्यालय आती है और यदि कर्मचारी ही अनुपस्थित रहेंगे तो लोगों को परेशानी होगी.

समय पर जनता का काम करने का निर्देश

उपायुक्त ने सभी कर्मियों को निर्देश दिया कि वे समय पर कार्यालय पहुंचें और पूरी जिम्मेदारी के साथ आम लोगों की समस्याओं का समाधान करें. उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना देरी के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है. डीसी ने यह भी कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाई गई तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को जनता के प्रति संवेदनशील होकर कार्य करने की नसीहत दी.

विकास योजनाओं की भी हुई समीक्षा

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने प्रखंड क्षेत्र में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की. उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण और शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है. इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है. उन्होंने विकास कार्यों में तेजी लाने और लंबित योजनाओं को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया.

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कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी विकास पांडेय, प्रखंड प्रमुख करुणा सोनी समेत अंचल और प्रखंड कार्यालय के कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे. डीसी के निरीक्षण के बाद पूरे प्रखंड कार्यालय में दिनभर प्रशासनिक हलचल बनी रही.

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लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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