मेराल सीएचसी की व्यवस्था पर सीएस सख्त, प्रभारी को हटाने की चेतावनी

गढ़वा के मेराल सीएचसी में अव्यवस्था देख सिविल सर्जन नाराज। प्रभारी को सुधार की चेतावनी दी, आयुष डॉक्टरों के भरोसे चल रही ओपीडी पर जताई कड़ी आपत्ति.
प्रतिनिधि, गढ़वा : मेराल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है. विभागीय निर्देशों के बावजूद यहां ओपीडी में नियमित रूप से एमबीबीएस चिकित्सकों के नहीं बैठने का मामला सामने आया है. वर्तमान में ओपीडी का संचालन मुख्य रूप से आयुष चिकित्सकों के भरोसे किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, मेराल सीएचसी में दो एमबीबीएस चिकित्सक पदस्थापित हैं. इनमें प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार तथा डॉ. दीपक सिन्हा शामिल हैं.
बताया जाता है कि डॉ. दीपक सिन्हा की ड्यूटी समय-समय पर सदर अस्पताल में लगा दी जाती है. अस्पताल में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. क्लर्क के पद पर मनोज चंद्रवंशी की पदस्थापना के बावजूद उनसे नियमित रूप से कार्य नहीं लेने का आरोप है. आरोप है कि उनकी जगह डंडई के एक स्वास्थ्य एजुकेटर से कार्यालय का कार्य कराया जा रहा है, जबकि एजुकेटर का मुख्य दायित्व क्षेत्र में टीकाकरण अभियान को गति देना है.
इससे टीकाकरण कार्य प्रभावित होने की बात कही जा रही है. बुधवार को सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. केनेडी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मौके पर मौजूद नहीं मिले. हालांकि, सिविल सर्जन के पहुंचने की सूचना मिलने के बाद वे अस्पताल पहुंचे. वहीं ओपीडी का संचालन आयुष चिकित्सक करते मिले. मामले को गंभीर मानते हुए सिविल सर्जन ने व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताई.
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अस्पताल की व्यवस्था जल्द ही दुरुस्त नहीं हुई, तो प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को पद से हटा दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जायेगा तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
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By Prabhat Khabar News Desk
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