गढ़वा नगर परिषद में जनता के पैसे की हुई है लूट : रामचंद्र सहिस

नगर परिषद क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं को लेकर आजसू की ओर से रंका मोड़ गढ़वा में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया.
आजसू ने नगर परिषद में व्याप्त भ्रष्टाचार व अनियमितता को लेकर दिया धरना गढ़वा. नगर परिषद क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं को लेकर आजसू की ओर से रंका मोड़ गढ़वा में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया. इसमें मुख्य अतिथि के रूप में आजसू नेता सह पूर्व पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री रामचंद्र सहिस मौजूद थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा ने की. इस मौके पर पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि गढ़वा नगर परिषद में सामानों की खरीद एवं टेंडर आदि में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गयी है. ये सभी जनता के टैक्स की लूट है. इन मुद्दों से वे वरीय पदाधिकारियों को रांची में अवगत करायेंगे और दोषी पदाधिकारियों को दंडित कराने का काम करेंगे. उन्होंने कहा कि गढ़वा जैसे जिले में इस तरह से पब्लिक मनि का दुरुपयोग किये जाने के बावजूद सरकार भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने में लगी हुई है. लेकिन गढ़वा जिले में आजसू दीपक शर्मा के नेतृत्व में लगातार भ्रष्टचारियों के विरूद्ध लड़ाई लड़ रही है. इस मौके पर जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि अवैध वसूली से आम जनता त्रस्त है. जनता के टैक्स की खुली लूट हो रही है. जबकि बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं. इस स्थिति से आक्रोशित होकर जनता जन आक्रोश धरना-प्रदर्शन के माध्यम से अपनी आवाज़ बुलंद करने को विवश हो रही है.धरना-प्रदर्शन के पश्चात उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांगपत्र प्रेषित किया गया. इसमें बस स्टैंड एवं खादी बाजार के मैदान में अवैध दुकानों का निर्माण कर 15 लाख रुपये तक में दुकानों की बिक्री करने, पार्क के बगल में कैसर ए हिंद की जमीन पर 84 दुकानें बनाकर 15- 15 लाख रुपये में बेचने, दानरो नदी में शहर का कचरा डालकर जल प्रदूषण तथा कचरे में आग लगाकर वायु प्रदूषण फैलाने, सोनपुरवा रामबाध तालाब में आधे-अधूरे काम कर 1.44 करोड़ रूपये की लूट करने. दो-दो लाख में बननेवाले स्वागत बोर्ड को 16-16 लाख रुपये में अधिष्ठापित करवाने. 20 हजार मूल्य के लोहे डस्टबिन को एक लाख रुपये प्रति पीस की दर से 100 डस्टबिन एक करोड़ रुपये में खरीदने व उसे कबाड़ में फेंकने, ई-वेस्ट प्रबंधन के नाम पर दो लाख के टीन-सीटा शेड को 15 लाख रुपये में बनवाने, दो हजार रुपये मूल्य के ड्राम को 28 हजार रुपये की दर से सैकड़ों की संख्या में खरीदने, निशुल्क पानी कनेक्शन के नाम पर दो हजार लोगों से चार-चार हजार रूपये प्रति व्यक्ति की अवैध वसूली करने, रोड-नाली-गली निर्माण में टेबल टेंडर के माध्यम से करोड़ों रुपये का घोटाला करने, 24 घंटे में स्वीकृत होने वाले घर के नक्शे को पैसा उगाही के लिये दो-तीन माह तक लंबित रखने सहित 15 मांगे शामिल है. आवेदन में सभी मामलों की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की है. इस मौके पर केंद्रीय सचिव शंकर प्रताप विश्वकर्मा, गुप्तेशवर ठाकुर, चंपा देवी, गोरखनाथ चौधरी, डॉ इस्तेयाक रजा आदि मौजूद थे.
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