JSSC-CGL रद्द होने से गढ़वा में 63 से अधिक कर्मी हो जाएंगे बेरोजगार

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झारखंड में JSSC CGL परीक्षा रद्द होने से गढ़वा जिले के 62 सरकारी कर्मी बेरोजगार हो सकते हैं। जानिए किन विभागों पर पड़ेगा इसका सबसे ज्यादा असर।

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गढ़वा: झारखंड सरकार की ओर से वर्ष 2024 में आयोजित JSSC-CGL और वर्ष 2014 से आउटसोर्सिंग एजेंसी TDPL के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले का गढ़वा जिले में व्यापक असर पड़ने की संभावना है. एक ओर परीक्षा रद्द करने के फैसले से आंदोलन में शामिल परीक्षार्थियों और युवाओं में खुशी है, वहीं दूसरी ओर इसी परीक्षा के माध्यम से चयनित होकर जिले में सेवा दे रहे कर्मी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं.

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यदि परीक्षा रद्द होने के बाद इन कर्मियों की सेवा समाप्त होती है, तो विभिन्न विभागों के कामकाज पर भी असर पड़ सकता है. जिले के कई विभागों में लंबे समय से रिक्त पदों पर JSSC-CGL के माध्यम से नियुक्तियां हुई थीं. ऐसे में इन कर्मियों के हटने पर विभागीय कार्यों की रफ्तार दोबारा प्रभावित होने की आशंका है.

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इन विभागों में हुई है नियुक्ति

गढ़वा जिले में JSSC-CGL के माध्यम से मुख्य रूप से समाज कल्याण, आपूर्ति, राजस्व, श्रम और कल्याण विभाग में कर्मियों की पदस्थापना हुई है. इनमें प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, अंचल निरीक्षक, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी और आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिका जैसे पद शामिल हैं.

बताया गया कि इनमें से कई पद पिछले आठ से 10 वर्षों से रिक्त थे. गढ़वा जिले के 20 प्रखंडों में कई जगह संबंधित पदों पर स्थायी पदस्थापना नहीं थी और कामकाज प्रभार के भरोसे चल रहा था. ऐसे में नवनियुक्त कर्मियों की पदस्थापना के बाद विभागीय कार्यों में तेजी आयी थी.

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63 से अधिक कर्मियों पर पड़ सकता है असर

हालांकि फिलहाल परीक्षा रद्द करने की केवल मुख्यमंत्री की घोषणा हुई है और इससे संबंधित कोई लिखित आदेश गढ़वा जिला प्रशासन को प्राप्त नहीं हुआ है. लेकिन यदि परीक्षा रद्द होती है तो उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 11 प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, 16 प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, छह श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी और आठ अंचल निरीक्षकों की सेवा प्रभावित हो सकती है.

इसके अलावा भू-अर्जन विभाग में पदस्थापित एक कानूनगो सह अंचल निरीक्षक की सेवा भी समाप्त होने की आशंका है.

21 आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं की सेवा पर भी संकट

समाज कल्याण विभाग में भी इसका असर पड़ने की संभावना है. जिले में 21 नयी आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं की नियुक्ति हुई थी. विभाग में सीडीपीओ के नौ स्वीकृत पदों में सात पद रिक्त हैं, जबकि आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं के 50 पदों में 35 पद रिक्त हैं. इन्हीं रिक्त पदों के बीच 21 महिला पर्यवेक्षिकाओं की नियुक्ति हुई थी.

यदि JSSC-CGL की नियुक्ति प्रक्रिया रद्द होती है तो इन महिला पर्यवेक्षिकाओं की सेवा पर भी संकट आ सकता है.

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इन अंचलों के सीआई हो सकते हैं प्रभावित

JSSC-CGL के माध्यम से नियुक्त जिन अंचल निरीक्षकों की सेवा प्रभावित होने की आशंका है, उनमें गढ़वा, डंडई, रंका, भंडरिया, चिनिया, भवनाथपुर और खरौंधी अंचल शामिल हैं.

फिलहाल प्रशासन को सरकार के लिखित आदेश का इंतजार है. ऐसे में परीक्षा रद्द होने के बाद नियुक्त कर्मियों की सेवा को लेकर सरकार क्या निर्णय लेती है, इस पर जिले के संबंधित विभागों और कर्मचारियों की नजर बनी हुई है.


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