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गढ़वा के राजनीतिक दिग्गजों के लिए नये सियासी अखाड़े के रूप में उभरा घाटशिला

Updated at : 02 Nov 2025 9:17 PM (IST)
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गढ़वा के राजनीतिक दिग्गजों के लिए नये सियासी अखाड़े के रूप में उभरा घाटशिला

घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को लेकर गढ़वा में भी सियासी पारा चढ़ा

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घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को लेकर गढ़वा में भी सियासी पारा चढ़ा वरीय संवाददाता, गढ़वा झारखंड के घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को लेकर गढ़वा में भी सियासी पारा चढ़ गया है. गढ़वा से करीब 380 किलोमीटर दूर हो रहे इस उपचुनाव में जिले के तीन दिग्गज नेता भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही, झामुमो के केंद्रीय महासचिव सह पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर और भवनाथपुर के झामुमो विधायक अनंत प्रताप देव के बीच राजनीतिक प्रतिष्ठा की जंग देखी जा रही है. भाजपा ने इस उपचुनाव में भानु प्रताप शाही को प्रमुख रणनीतिकार की जिम्मेदारी सौंपी है. 2005 में पहली बार विधायक बने भानु ने 2009 के लोकसभा चुनाव में नवजवान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले जेल में बंद झामुमो प्रत्याशी कामेश्वर बैठा को जीत दिलाकर अपनी रणनीतिक क्षमता साबित की थी. यह पलामू प्रमंडल में झामुमो की पहली बड़ी राजनीतिक एंट्री थी. दस साल बाद 2019 में मिथिलेश ठाकुर ने झामुमो की गढ़वा सीट दोबारा जीतकर हेमंत सरकार में मंत्री बने. इसी दौरान भानु प्रता शाही भाजपा में शामिल हो गये. उसी दौर में सदन से लेकर सड़क तक मिथिलेश और भानु के बीच तीखी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता देखने को मिली. इसी सियासी दौर में मिथिलेश ठाकुर ने अनंत प्रताप देव और उनके सहयोगी ताहिर अंसारी को संगठित कर झामुमो के मंच पर लाया. कांग्रेस की नाराजगी के बावजूद मिथिलेश ने अनंत प्रताप को झामुमो का टिकट दिलाया और भानु प्रताप शाही को मात देने की रणनीति बनायी, जिसमें वे सफल रहे. हालांकि, 2024 के विधानसभा चुनाव में गढ़वा के दोनों दिग्गज भानु और मिथिलेश को हार का सामना करना पड़ा. अब घाटशिला उपचुनाव उनके लिए नये सियासी अखाड़े के रूप में उभर रहा है. भानु प्रताप शाही भाजपा के लिए घाटशिला में डेरा जमाये हुए हैं, वहीं मिथिलेश ठाकुर छठ पूजा के बाद से वहीं कैंप कर रहे हैं. उधर, विधायक अनंत प्रताप देव भी अपने सहयोगी ताहिर अंसारी के साथ घाटशिला में सक्रिय हैं और भानु के खिलाफ राजनीतिक मोर्चा खोले हुए हैं. सोशल मीडिया पर भी इन तीनों की इस सियासी जंग की चर्चा जोरों पर है, जिससे घाटशिला उपचुनाव की गर्मी गढ़वा तक महसूस की जा रही है. …………… ऐसी हार होगी कि दोबारा चुनाव लड़ना भूल जायेंगे बाबूलाल : मिथिलेश ठाकुर घाटशिला में कैंप कर रहे पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने भाजपा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि भाजपा ने चंपाई सोरेन का यूज एंड थ्रो किया है. इस बार सोमेश सोरेन 50 हजार से अधिक वोटों से जीतेंगे, जबकि भाजपा उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन को ऐसी हार मिलेगी कि वे दोबारा चुनाव लड़ने की नहीं सोचेंगे. घाटशिला में झामुमो का किला दरक रहा है : भानु प्रताप शाही भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने दावा किया कि घाटशिला में झामुमो का किला दरक रहा है. उन्होंने कहा कि झामुमो के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में भाजपा का साथ जुड़ रहे हैं. जनता ने कमल खिलाने और बाबूलाल सोरेन को विधायक बनाने का संकल्प ले लिया है. भानु की नहीं चलने देंगे : अनंत प्रताप देव भवनाथपुर के विधायक अनंत प्रताप देव ने भानु प्रताप शाही पर सीधा वार करते हुए कहा कि भवनाथपुर की जनता भानु के असली राजनीतिक चरित्र को समझ चुकी है, इसलिए उन्हें चुनाव में हराया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते चंपाई सोरेन ने भी सदन में भानु के बारे में जो कहा, वह पूरे राज्य ने सुना है. घाटशिला उपचुनाव में भी भानु की नहीं चलने देंगे

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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