वृद्धा पेंशन पर बैंक की लापरवाही से बुजुर्ग की मौत; CM हेमंत सोरेन ने लिया संज्ञान, कड़ी कार्रवाई का निर्देश

Updated:
विज्ञापन

वृद्ध दंपति का फाइल फोटो

गढ़वा में पेंशन न मिलने से एक बुजुर्ग की मौत के बाद हड़कंप मच गया है. राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए तुरंत जांच और कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है. यह घटना सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही को उजागर करती है.

विज्ञापन

Garhwa News: बड़गड़ प्रखंड के आदिवासी बहुल क्षेत्र महुआटिकर गांव निवासी बुजुर्ग रतन लकड़ा (75 वर्ष) की पेंशन न मिलने के कारण हुई मौत का मामला अब पूरी तरह गरमा गया है. सोमवार को बैंक की लापरवाही के खिलाफ जहां ग्रामीणों का गुस्सा फूटा और शव रखकर प्रदर्शन हुआ, वहीं मंगलवार को इस पूरे मामले पर सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद संज्ञान ले लिया है. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर गढ़वा उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा को इस गंभीर मामले की शीघ्र जांच कर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री के आदेश के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह रेस हो गया है. डीसी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रंका एसडीएम और एलडीएम (अग्रणी जिला प्रबंधक) को मामले की विस्तृत जांच का जिम्मा सौंप दिया है. डीसी ने सीएम को सूचित करते हुए कहा है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवार को हरसंभव सरकारी सहायता दी जाएगी.

आपके शहर में

विज्ञापन

'प्रभात खबर' ने पहले ही उजागर की थी बुजुर्ग की पीड़ा

पीड़ित वृद्ध रतन लकड़ा पिछले तीन महीने से केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर पेंशन के लिए बैंक के चक्कर काट रहे थे. उनकी इस दर्दनाक स्थिति और सिस्टम की बेरुखी को 'प्रभात खबर' ने पूर्व में ही प्रमुखता से उजागर किया था. खबर छपने के बाद बैंक प्रबंधन में हड़कंप मचा था और आनन-फानन में बैंक कर्मी उनके घर पहुंचे थे. कर्मियों ने बिस्तर पर ही बुजुर्ग का अंगूठा लगवाकर केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने का दावा भी किया था, लेकिन इसके बावजूद उनके खाते से पेंशन की राशि नहीं निकल सकी. आखिरकार समय पर पेंशन न मिलने से इलाज के अभाव में बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद 'बैंक का अमानवीय चेहरा सामने आया.


आक्रोशित ग्रामिणों ने बैंक के सामने जमकर किया प्रदर्शन

बुजुर्ग की मौत से आक्रोशित परिजन और सैकड़ों ग्रामीण सोमवार को उनके शव को लेकर सीधे झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक की बड़गड़ शाखा पहुंचे थे. ग्रामीणों ने बैंक की घोर लापरवाही और समय पर पेंशन की राशि न मिलने को मौत की मुख्य वजह बताते हुए बैंक के मुख्य गेट के सामने शव रखकर करीब दो घंटे तक जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने शाखा प्रबंधक कृष्ण कुमार एवं बैंक के मैसेंजर हेमंत कुमार उर्फ नन्दलाल पर गंभीर आरोप लगाए कि यदि समय पर पेंशन मिल जाती, तो बुजुर्ग का बेहतर इलाज संभव था. ग्रामीणों ने दोनों बैंक कर्मियों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज करने की मांग को लेकर बैंक प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी.

दोषी बैंककर्मियों पर गिरेगी गाज

प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद बड़गड़ थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची थी. पुलिस और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रयास से डाल्टनगंज के रीजनल मैनेजर से फोन पर ओपन स्पीकर पर बात कराई गई थी. रीजनल मैनेजर द्वारा निष्पक्ष जांच और कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर शव को गेट से हटाया और पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया. सोमवार को मुख्यमंत्री और डीसी के कड़े रुख के बाद अंचल और बैंकिंग सेक्टर के बड़े अधिकारियों ने मामले की कड़ियों को खंगालना शुरू कर दिया है, जिससे दोषी बैंक कर्मियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है.

ये भी पढ़ें...

गढ़वा की लाखों महिलाओं को मिला सरप्राइज, एकमुश्त 3 माह की आई मंईयां सम्मान की राशि

गढ़वा में झामुमो में सियासी घमासान, दीपक प्रताप देव को कारण बताओ नोटिस


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola