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छह साल में किसी लाभुक को नगर परिषद नहीं दे सका किफायती आवास

Updated at : 16 May 2024 7:59 PM (IST)
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छह साल में किसी लाभुक को नगर परिषद नहीं दे सका किफायती आवास

छह साल में किसी लाभुक को नगर परिषद नहीं दे सका किफायती आवास

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गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र के भूमिहीन लोगों को आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किये गये प्रधानमंत्री किफायती आवास परियोजना के तहत अभी तक एक भी लाभुक को आवास नहीं मिल सका है. वर्ष 2018 में इस योजना का शिलान्यास शहर के सोनपुरवा मुहल्ला (रेलवे क्रॉसिंग पार) में किया गया था. इस योजना के तहत 400 आवास बनाये जाने हैं, लेकिन करीब छह साल बाद भी नगर परिषद इस योजना के लिए सभी योग्य लाभुकों का चयन ही नहीं कर सका है. इस वजह से केंद्र व राज्य सरकार के करोड़ो रुपये इस परियोजना में फंस गये हैं. जिन लोगों ने इस योजना के लिए आवेदन दिया तथा उन्हें आवास आवंटित हो गया, उन्हें भी आवास मिलने की उम्मीद नहीं दख रही. एसलिए वे अपना अंशदान जमा नहीं कर रहे हैं. इधर लोगों का अंशदान नहीं मिलने से नगर परिषद ने भी आवास निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया है. क्या है पूरा मामला प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के साथ ही शहर में रहनेवाले भूमिहीनों के लिए 400 किफायती आवास निर्माण की योजना शुरू की गयी थी. इसके तहत स्थान चिह्नित करते हुए शहर के सोनपुरवा मुहल्ले में साल 2018 में इस योजना का शिलान्यास (ग्राउंड के बाद तीन मंजिला) किया गया था. इस योजना के तहत वन बीएचके आवास की कुल प्राक्कलित राशि 6.46 लाख रु है. इसमें से एक लाख रु राज्य सरकार एवं 1.50 लाख रु केंद्र सरकार भुगतान कर रही है. जबकि चयनित लाभुकों को इस आवास के लिए छह किस्त में शेष बची राशि 3.96 रु देनी हैं. इसमें निबंधन के समय पांच हजार रु, आवास आवंटन होने के बाद 20 हजार रु तथा शेष 3.71 लाख रु को 92.750 हजार ररु की चार किस्तों में जमा करना है. कब-कब देना है किस्त : लाभुकों को प्रथम किस्त आवास योजना का काम 25 प्रतिशत पूरा होने पर, दूसरी किस्त 50 प्रतिशत आवास बनने पर, तीसरी 75 प्रतिशत आवास बनने पर तथा चौथी किस्त की राशि 90 प्रतिशत काम पूरा होने पर देनी है. लेकिन नगर परिषद ने लाभुकों से प्राप्त आवेदन (निबंधन) के आधार पर ही 336 आवास का निर्माण कार्य केंद्र व राज्य सरकार से मिली राशि से प्रारंभ कर दिया. आवास का निर्माण लगभग पूरा भी कर लिया गया. लेकिन आवास में वायरिंग, प्लास्टर, दरवाजे-खिड़की लगाने व पेंट करने जैसे कार्य नहीं किये गये हैं. 253 लाभुकों को आवास आवंटित : बताया गया कि पांच हजार रु की निबंधन राशि जमा करने के बाद 253 लाभुकों को आवास आवंटित भी कर दिया गया है. लेकिन किस्त की राशि चयनित लाभुक जमा नहीं कर रहे हैं. इसलिए आवास के सभी कार्य पूर्ण कर उन्हें उपलब्ध नहीं कराये जा रहे हैं. सिर्फ एक लाभुक ने जमा की सभी किस्तों की राशि : अभी तक सिर्फ एक लाभुक ने सभी चार किस्तों की कुल राशि (अपना अंशदान 3.96 लाख रु) जमा की है. जबकि 25 लोगों ने प्रथम किस्त की राशि, पांच ने द्वितीय किस्त की राशि एवं एक ने तृतीय किस्त की राशि जमा की है. इसके अलावे 60 चयनित लाभुकों ने बैँक ऋण के लिए आवेदन दिया है. लेकिन इसमें से मात्र 13 का ही बैंक ने स्वीकृत किया है. दो ब्लॉक में 40 कमरे पूर्ण करने का काम अंतिम चरण में भले ही अभी तक सिर्फ एक लाभुक ने पूरी राशि जमा कर दी है, लेकिन नगर परिषद करीब 40 लाभुकों (प्रथम किस्त जमा करनेवाले एवं बैंक ऋण जिनका स्वीकृत हुआ है) को आवास लेने के प्रति गंभीर मान रहा है. इसलिए इतने ही आवास का निर्माण पूर्ण कर उन्हें हैंडओवर करने की दिशा में काम तेज कर दिया गया है. रंग-रोगन व अन्य कार्य पूर्ण किये जा रहे हैं. लेकिन शेष आवास का निर्माण लंबे समय तक लटक सकता है. बिचौलियों ने फैलाया है भ्रम : अजीत कुमार इस संबंध में गढ़वा नगर परिषद के नगर स्तरीय तकनीकी विशेषज्ञ पीएम आवास योजना शहरी के अजीत कुमार ने बताया कि बिचौलियों की ओर से लोगों में भ्रम फैला दिया गया है कि नगर परिषद के आवास का काम लंबे समय तक पूरा नहीं होनेवाला है. इस वजह से लाभुक अपना अंशदान जमा नहीं कर रहे हैं. लेकिन ऐसी बात नहीं है, आवास का निर्माण पूरा हो गया है. लाभुक अपना अंशदान जमा करें. उन्हें फिनिशिंग कर आवास उपलब्ध करा दिया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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