प्रतिदिन 20 लाख का नुकसान

Updated at :05 Mar 2014 4:03 AM
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प्रतिदिन 20 लाख का नुकसान

विजय सिंह भवनाथपुर (गढ़वा) : भवनाथपुर वन क्षेत्र छह प्रखंडों से घिरा हुआ है. यह तीन हजार हेक्टेयर में फैला हुआ है. वन क्षेत्रों के पहाड़ों से प्रतिदिन पत्थर का उत्खनन कर ट्रैक्टरों से ढोया जा रहा है. वन क्षेत्रों से प्रतिदिन चार हजार टन पत्थर का अवैध उत्खनन किया जा रहा है. इससे सरकार […]

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विजय सिंह

भवनाथपुर (गढ़वा) : भवनाथपुर वन क्षेत्र छह प्रखंडों से घिरा हुआ है. यह तीन हजार हेक्टेयर में फैला हुआ है. वन क्षेत्रों के पहाड़ों से प्रतिदिन पत्थर का उत्खनन कर ट्रैक्टरों से ढोया जा रहा है. वन क्षेत्रों से प्रतिदिन चार हजार टन पत्थर का अवैध उत्खनन किया जा रहा है. इससे सरकार को 15 से 20 लाख का नुकसान प्रतिदिन हो रहा है. इस धंधे में सड़क ठेकेदार, क्रशरवाले, पत्थर माफिया लगे हुए हैं. इन धंधेबाजों के खौफ से वनकर्मी जंगलों में जाने से कतराते हैं. इस पत्थर का उपयोग वन क्षेत्र में बननेवाली सड़क व क्रशर में किया जा रहा है.

भवनाथपुर वन क्षेत्र के अंदर छह प्रखंड भवनाथपुर, खरौंधी, केतार, बरडिहा, मलीआंव, कांडी शामिल है. क्षेत्र में अवैध रूप से 25 क्रशर संचालित हैं. जिस क्षेत्र में सड़क का निर्माण होना है, वहां पत्थरों की खपत अधिक होती है. भवनाथपुर क्षेत्र के अंदर तीन पहाड़ों से उत्खनन किया जाता है. भवनाथपुर वन क्षेत्र के अंदर अवैध उत्खनन करने वालों के विरुद्ध वन विभाग पिछले तीन वर्ष में 350 लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज कर चुका है. भवनाथपुर प्रखंड में चार क्रशर संचालित है तथा दो बड़ी सड़कें बन रही हैं. प्रतिदिन 11 पहाड़ों से 200 गाड़ी पत्थर ढोया जाता है. पहाड़ों में कैलान, धनीमंडरा, मकरी, बनसानी, बखारी, झगराखांड़, जिरहुला, माइघिया है. कांडी प्रखंड में पांच क्रशर संचालित हैं, जहां चार पहाड़ों से प्रतिदिन करीब 60 गाड़ी उत्खनन होता है.

जिसमें चटनिया, चोराटी, घोड़दाग, भरत पहाड़ी शामिल है. मझीआंव प्रखंड में सात क्रशर संचालित हैं. जहां तीन पहाड़ों में बढ़ीखाड़, भौराहा, जाहरसरई से 50 गाड़ी उत्खनन होता है. बरडीहा प्रखंड में चार छोटे क्रशर व चार बड़े क्रशर कुल आठ संचालित हो रहे है. यहां आठ पहाड़ों से जिसमें जतरो बंजारी, जीका, बोकसम, डंगरा, कउआखोह, नावाडीह, बाछिखोह, सेमरी से 300 गाड़ी उत्खनन होता है. खरौंधी प्रखंड में दो क्रशर है लेकिन बंद है. वहां चार सड़क बन रही है. इसमें छह पहाड़ों से अरंगी, शिशरी, माहुगड़इ, परसवान, राजी, कुपा से प्रतिदिन 100 गाड़ी उत्खनन होता है. केतार प्रखंड में एक क्रशर है. वहां पांच प्रमुख सड़क चिरकुटहा से खैरवा मोड़, परती मेन रोड से पनिआखोह, राजघाट से सिंहपुर, बलिगढ़ मेर रोड से खोंहर केतार कांडी मुख्य पथ में निर्माण चल रहा है.

वहां सात पहाड़ों में राजघाट, भगवान घाट, खैरवा, नरायण वन, पनियाखोह, चिरकुटहा, चांदडिह से करीब 300 गाड़ी पत्थर प्रतिदिन उत्खनन किया जा रहा है. वन क्षेत्र पद 10 मुन्ना राम पासवान ने कहा कि वन क्षेत्रों से उत्खनन हो रहा है. घना जंगल व निहत्थे होने के कारण सभी जगहों पे जा पाना संभव नहीं है. माफिया हावी हैं. लेकिन फिर भी लगातार मामला दर्ज किया जा रहा है. अब तक 350 लोगों पर मामला दर्ज किया जा चुका है. 30-35 लोगों को जेल भेज चुके हैं. जिला खनन पदाधिकारी एमपी सिंह ने कहा कि वन क्षेत्र में उत्खनन देखना वन विभाग का काम है.

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