काम पूरा हुआ, पर नहीं मिली मजदूरी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :09 Dec 2016 8:08 AM (IST)
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रमकंडा : प्रखंड के मंगराही गांव में सड़क निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद भी मजदूरों को उनका मजदूरी नहीं मिलने का मामला प्रकाश में आया है. समाचार के अनुसार प्रखंड के मंगराही गांव में वित्तीय वर्ष 2015-16 में 5.25लाख की लागत से कोपिकुइयां से नमुहान तक मनरेगा के तहत मिट्टी मोरम पथ निर्माण की […]
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रमकंडा : प्रखंड के मंगराही गांव में सड़क निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद भी मजदूरों को उनका मजदूरी नहीं मिलने का मामला प्रकाश में आया है. समाचार के अनुसार प्रखंड के मंगराही गांव में वित्तीय वर्ष 2015-16 में 5.25लाख की लागत से कोपिकुइयां से नमुहान तक मनरेगा के तहत मिट्टी मोरम पथ निर्माण की स्वीकृति मिली थी, जिसके बाद उक्त पथ निर्माण में गांव के ही करीब 35 मजदूरों ने करीब एक माह तक काम किया. वहीं निर्माण कार्य भी पूर्ण हो गया.
लेकिन निर्माण कार्य के एक वर्ष बीत जाने के बाद भी मजदूरों को उनका मजदूरी नहीं मिल पाया. मजदूर नान्हू कोरवा, बनवारी सिंह, धर्मदेव सिंह, रणविजय सिंह, कपिलदेव सिंह, सुरेश सिंह, गणपत सिंह, विनोद सिंह, तिलकधारी सिंह, नेपाल सिंह, प्रमिला देवी, बसंती देवी, तारा देवी, सोभवंती देवी, देवमणि देवी सहित अन्य मजदूरों ने कहा कि एक वर्ष बीत जाने के बाद भी मजदूरी नहीं मिलने से उनके समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. कहा कि आगे से हम सभी मजदूर सरकारी योजनाओं में मजदूरी नहीं करेंगे. कहा कि इससे अच्छा प्रदेशों में ही काम करना बेहतर है. जहां काम करो और मजदूरी लो वाली स्थिति है. उक्त योजना के मेठ नंदलाल सिंह ने बताया कि निर्माण कार्य एक वर्ष पहले पूरा हो चुका है. मजदूरी भुगतान के लिए कई महीने से प्रखंड कार्यालय व संबंधित अधिकारियों का चक्कर लगाता रहा, लेकिन उक्त योजना में एक रुपये का भी भुगतान नहीं किया गया. उन्होंने उक्त योजना में मजदूरी भुगतान की मांग की है.
ग्रामीणों ने बताया कि मंगराही गांव के ही मनरेगा से स्वीकृत अन्य योजनाओ में भी मजदूरों को अब तक मजदूरी नहीं मिला है. गांव के ही अन्य मजदूरों ने बताया कि मंजरी सिवान से ननदेव पाल के घर तक मिट्टी मोरम पथ निर्माण में करीब दो सप्ताह तक मजदूरों ने काम किया. लेकिन उन्हें मजदूरी नहीं मिली. इसी तरह राजनाथ सिंह के घर से चौमास होते हुए मंदिर तक मिट्टी मोरम पथ निर्माण, बंशी भुइयां के घर से जामुन पेड़ तक मिट्टी मोरम पथ निर्माण का कार्य पूरा होने के बाद भी मजदूरी नहीं मिल पाया. वहीं शिवनाला बांध निर्माण व रामकेश राम के घर से रामनवमी सिंह के घर तक मिट्टी मोरम पथ निर्माण में मजदूरों को मजदूरी नहीं मिला.
पलायन कर रहे हैं मजदूर
एक ओर जहां लोगों को सरकारी योजनाओं में काम करने के बाद भी मजदूरी नहीं मिल रही है, तो दूसरी ओर प्रखंड के चेते, सिशवा, सूली, बैरिया, होमिया, दुर्जन, उदयपुर, पुन्दगा, रमकंडा, रकसी सहित दर्जनों गांव के गरीब मजदूर रोजगार की तलाश में पलायन करने को विवश हैं.
गुरुवार को प्रदेशों में पलायन कर रहे मजदूर जीतू भुइयां, संजय भुइयां, राजमणि भुइयां आदि ने बताया कि गांव के सरकारी योजनाओ में समय पर मजदूरी नहीं मिलता है. वहीं प्रदेशों में मजदूरी का अधिक लाभ और जल्दी मिल जाता है, जिसके कारण हम लोग अपने परिवार के पालन पोषण के लिए पलायन को विवश हैं.
बीडीओ से जानकारी ली जायेगी : एसडीएम
इस संबंध में पूछे जाने पर रंका एसडीएम जावेद अनवर इद्रिशी ने कहा कि मनरेगा मजदूरों का मजदूरी बकाया काफी गंभीर मामला है. इस मामले की पूरी जानकारी बीडीओ दयानंद प्रसाद जायसवाल से ली जायेगी.
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