पीने का स्वच्छ पानी भी मयस्सर नहीं

Published at :01 Sep 2016 6:12 AM (IST)
विज्ञापन
पीने का स्वच्छ पानी भी मयस्सर नहीं

बड़गड़ : बड़गड़ प्रखंड के टेहरी पंचायत अंतर्गत झारखंड की दूसरी ऊंची चोटी (करीब 3800 फीट) की ऊंचाई पर सरूअत पहाड़ी पर बसी आबादी बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर है. इस पहाड़ी पर आदिम जनजाति के कोरवा, किसान एवं अहिर जाति के लोग निवासी करते हैं. वहां आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पेयजल जैसी मूलभूत […]

विज्ञापन
बड़गड़ : बड़गड़ प्रखंड के टेहरी पंचायत अंतर्गत झारखंड की दूसरी ऊंची चोटी (करीब 3800 फीट) की ऊंचाई पर सरूअत पहाड़ी पर बसी आबादी बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर है. इस पहाड़ी पर आदिम जनजाति के कोरवा, किसान एवं अहिर जाति के लोग निवासी करते हैं. वहां आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं है. ऊंची पहाड़ी पर बसे होने के कारण भी सरकारी योजनाओं में यहां पहुंचाने में समस्या होती है़ स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में लोगों को बीमारी की स्थिति में पहाड़ी पगडंडी के सहारे पैदल ही चलकर इलाज के लिए बड़गड़ पहुंचाना पड़ता है़
लोगों को स्वच्छ जल भी उपलब्ध नहीं है़ इसके कारण वे चुआड़ी का पानी पीकर ही काम चलाते हैं. यद्यपि पिछले साल पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से पहाड़ी पर बसे टोलों में 16 जगहों पर चापाकल लगाने की सरकार से स्वीकृति मिली़ इसका जिम्मा गढ़वा के संवेदक नारद तिवारी को दिया गया था़ लेकिन संवेदक द्वारा मात्र पांच चापाकल ही लगाये गये़ पांच गाड़े गये चापाकलों में से भी चापाकल लगने के साथ ही तीन बेकार हो गये़ जबकि शेष दो चापाकल जो सही हैं, उसका पानी भी पीने लायक नहीं है़
ग्रामीणों ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय सेरेंगटांड़ के पास लगे चापाकल का पानी कुछ देर के बाद ही पीला हो जाता है़ यह जानते हुए भी वह पीने लायक नहीं है, बावजूद वे उसी पानी को पीने को मजबूर हैं. ग्रामीण गणेश यादव, रविंद्र यादव, रामअवध यादव, रघुनाथ यादव, संजय यादव आदि ने बताया कि उनके बच्चे शिक्षा से भी वंचित हैं. यद्यपि सरकार द्वारा सेरेंगटांड़, लेटा, बिरजूपानी एवं सरूअत गांव में स्कूल का भवन बना दिया गया है, लेकिन वहां कभी शिक्षक नहीं आते़ अभियान शिक्षा के तहत सरेंगेटांड़ एवं लेटा गांव में विद्यालय भवन बनाया गया़ लेकिन वह आज तक कभी नहीं खुला़ यहां के कुछ बच्चे का नामांकन इस विद्यालय में कराया गया है, लेकिन विद्यालय नहीं खुलने के कारण वे छतीसगढ़ के चांदो, कुसमी आदि जगहों पर जाकर पढ़ने को विवश हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola