1...दूसरे चरण के चुनाव में 71 प्रतिशत वोट

1…दूसरे चरण के चुनाव में 71 प्रतिशत वोटनगरउंटारी में 70.02, भवनाथपुर में 71.32, केतार में 72, खरौंधी में 70, सगमा में 71 व धुरकी में 73.73 प्रतिशत वोट पड़ेउग्रवाद प्रभावित व तीन राज्यों की सीमा से सटा है इलाका28जीडब्लूपीएच18-यूपी के सीमा पर अवस्थित खरौंधी के राजी बूथ पर मतदान के लिये कतार में खड़े मतदाता […]
1…दूसरे चरण के चुनाव में 71 प्रतिशत वोटनगरउंटारी में 70.02, भवनाथपुर में 71.32, केतार में 72, खरौंधी में 70, सगमा में 71 व धुरकी में 73.73 प्रतिशत वोट पड़ेउग्रवाद प्रभावित व तीन राज्यों की सीमा से सटा है इलाका28जीडब्लूपीएच18-यूपी के सीमा पर अवस्थित खरौंधी के राजी बूथ पर मतदान के लिये कतार में खड़े मतदाता 28जीडब्लूपीएच16-धुरकी के खाला बूथ पर सुरक्षा की जानकारी लेते एसपी व सीआरपीएफ के कमांडेटप्रतिनिधि, गढ़वा.गढ़वा जिले में दूसरे चरण का भी पंचायत चुनाव पूरी तरह से शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया. नक्सल प्रभावित इस पंचायतों में शनिवार को होनेवाले दूसरे चरण के मतदान को लेकर मतदाताओं में पहले चरण की ही तरह उत्साह था. चुनाव में सभी छह प्रखंडों को मिला कर 71.3 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया. चुनाव को भयमुक्त एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय से सभी प्रखंडों में प्रथम चरण के चुनाव की ही तरह सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये थे. इस दौरान जिला पुलिस बल, झारखंड पुलिस बल के अलावा सीआरपीएफ के जवानों को भी तैनात किया गया था. साथ ही सभी संवेदनशील व अतिसंवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त की भी व्यवस्था थी. गौरतलब है कि इस चरण के चुनाव में कुल 688 मतदान केंद्रों में मात्र 30 बूथों को छोड़कर सभी बूथ संवेदनशील अथवा अतिसंवेदनशील बूथ के रूप में चिह्नित किये गये थे. इन सभी बूथों पर भी मतदाताओं ने पूरी तरह से भयमुक्त होकर मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया.बिहार, यूपी व छत्तीसगढ़ से लगी सीमाओं में भी शांति रहीदूसरे चरण के होनेवाले मतदान में दर्जनों बूथ दूसरे राज्य की सीमा से लगे हुए थे. इनमें धुरकी प्रखंड के कई बूथ छत्तीसगढ़ व यूपी से सटे हुए थे, जबकि सगमा प्रखंड के यूपी, खरौंधी प्रखंड के यूपी व केतार प्रखंड के बिहार की सीमा से सटे हुये पंचायत थे. यहां प्रशासन को असमाजिक तत्वों द्वारा किसी खास प्रत्याशी के पक्ष में बोगस वोट कराने अथवा मतदान में बाधा उत्पन्न कराने की आशंका थी. इसको देखते हुये प्रशासन इस क्षेत्रों में काफी चौकस थी. वहां सीआरपीएफ के जवानों को भी लगाया गया था. पुलिस प्रशासन ने पड़ोसी राज्य के पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक कर चुनाव के दौरान राज्य की सीमा को सील करने और नक्सली और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने का निर्णय लिया गया था. पुलिस प्रशासन की यह रणनीति पूरी तरह से काम आयी और चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न कराने में सफल रही.एसपी व कमांडेट लेते रहे जायजापुलिस अधीक्षक प्रियदर्शी आलोक एवं सीआरपीएफ 172 बटालियन के कमांडेट कैलाश आर्य चुनाव के दौरान सभी संवेदनशीलन एवं अतिसंवेदनशील बूथों का निरीक्षण करते रहे. वे लोग पल-पल की खबर ले रहे थे. साथ ही स्वयं भी एक टीम के साथ बूथों पर घूमते नजर आये.
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