जी...अधिकारियों के वेतन से कटेंगे चार लाख रुपये

गढ़वा. गढ़वा जिले में काम मांगने के बाद भी मनरेगा मजदूरों को काम उपलब्ध नहीं कराया गया है. इसके लिए दोषी पदाधिकारियों के वेतन से चार लाख रुपये काटे जायेंगे. ग्रामीण विकास विभाग के निर्देश के पश्चात जिला प्रशासन यह खोजने में लगी है कि इसके लिए दोषी पदाधिकारी कौन है. मनरेगा अधिनियम के अनुसार […]
गढ़वा. गढ़वा जिले में काम मांगने के बाद भी मनरेगा मजदूरों को काम उपलब्ध नहीं कराया गया है. इसके लिए दोषी पदाधिकारियों के वेतन से चार लाख रुपये काटे जायेंगे. ग्रामीण विकास विभाग के निर्देश के पश्चात जिला प्रशासन यह खोजने में लगी है कि इसके लिए दोषी पदाधिकारी कौन है. मनरेगा अधिनियम के अनुसार बेरोजगारी भत्ते की राशि वैसे पदाधिकारियों के वेतन से काटना है, जो मजदूरों को काम मांगने के बाद भी काम नहीं देने के दोषी साबित होंगे. गढ़वा जिले में अभी 5269 दिनों तक काम उपलब्ध नहीं कराने के एवज में 391797 रुपये बेरोजगारी भत्ता देय है. गढ़वा जिले में कुल 361360 मनरेगा मजदूर हैं. इनमें से 100060 मजदूर सक्रिय हैं. उल्लेखनीय है कि सुखाड़ की मार झेल रहे गढ़वा जिले के मजदूरों को कृषि के क्षेत्र में निराशा हाथ लगी है, इसलिए अब वे मनरेगा के तहत काम मांगने के लिए आवेदन दे रहे हैं. लेकिन जिला प्रशासन उन्हें काम उपलब्ध नहीं करा पा रहा है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










