1... लड़कियों के अपरहण के 88 मामले दर्ज हुए

वर्षांत : 2014 बलात्कार के 53, दहेज हत्या के 23,महिला प्रताड़ना के 42, डायन प्रताड़ना के 60, दहेज उत्पीड़न के 60 मामले थाने तक पहुंचेगढ़वा. गढ़वा जिले में पाश्चात्य संस्कृति जिस रफ्तार से अपनी जड़ें जमा रही हैं, उसी रफ्तार से यहां शादी की नीयत से लड़कियों के अपहरण के मामले भी बढ़ रहे हैं. […]
वर्षांत : 2014 बलात्कार के 53, दहेज हत्या के 23,महिला प्रताड़ना के 42, डायन प्रताड़ना के 60, दहेज उत्पीड़न के 60 मामले थाने तक पहुंचेगढ़वा. गढ़वा जिले में पाश्चात्य संस्कृति जिस रफ्तार से अपनी जड़ें जमा रही हैं, उसी रफ्तार से यहां शादी की नीयत से लड़कियों के अपहरण के मामले भी बढ़ रहे हैं. हाल के वषोंर् में बलात्कार आदि की घटनाओं में भी वृद्धि हुई है. वर्ष 2014 में कुल 88 अपहरण के मामले दर्ज हुए हैं. इनमें सिर्फ एक मामले ही फिरौती के लिए अपहरण से जुड़ा हुआ है. जबकि शेष मामले शादी की नीयत से अपहरण करने से संबंधित है.यद्यपि अधिकतर मामलों का उदभेदन कर लिया गया है. बलात्कार के 53 मामले 2014 में दर्ज हुए हैं. जबकि इसके पूर्व 2009 में 23, 2010 में 24, 2011 में 51, 2012 में 75 तथा 2013 में 61 मामले बलात्कार के दर्ज कराये गये थे. अपहरण के पिछले पांच वषोंर् के आंकड़ों पर नजर डालें, तो वर्ष 2009 में 44, 2010 में 47, 2011 में 62, 2012 में 109, 2013 में 64 तथा 2014 में 88 मामले अपहरण के दर्ज हुए हैं. महिलाओं से संबंधित दहेज मामले में पिछले दो वषोंर् की तुलना मंे कमी आयी है. इस वर्ष 60 मामले दहेज से संबंधित दर्ज हुए हैं. जबकि 2009 में 24, 2010 में 32, 2011 में 39, 2012 में 71, 2013 में 121 मामले आये थे. डायन बिसाही के मामले में भी कमी आयी है. डायन प्रताड़ना के 2014 में 60 मामले आये हैं. जबकि 2009 में 61,2010 में 39, 2011 में 94, 2012 में 138 तथा 2013 में 121 घटनाएं हुईं थी. अन्य महिला प्रताड़नाओं की 42 घटनाएं इस वर्ष घटित हुई है. जबकि 2011 में 49, 2012 में 70 तथा 2013 में 43 घटनाएं हुई थी. 2014 में दहेज हत्या की 23 घटनाएं हुईं है. जबकि 2013 में 30 महिलाओं की हत्या दहेज के लेन-देन को लेकर हुई थी.
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