1...रमकंडा में चौथे दिन भी दो बच्चों की मौत

Updated at : 04 Aug 2017 12:00 AM (IST)
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1...रमकंडा में चौथे दिन भी दो बच्चों की मौत

1…रमकंडा में चौथे दिन भी दो बच्चों की मौतचार दिन में रमकंडा में मलेरिया से मरनेवालों की संख्या 12 हुईस्वास्थ्य विभाग की उदासीन रवैये से मलेरिया पीड़ित लोगों के मौत का सिलसिला जारी4जीडब्लूपीएच4-रमकंडा में इलाजरत मलेरिया के मरीज4जीडब्लूपीएच9-अपना दर्द बयान करते गांव के लोग4जीडब्लूपीएच10-अस्पताल में बढ़ रही मरीजों की भीड़4जीडब्लूपीएच11-मलेरिया से मृत रेशमा के साथ […]

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1…रमकंडा में चौथे दिन भी दो बच्चों की मौतचार दिन में रमकंडा में मलेरिया से मरनेवालों की संख्या 12 हुईस्वास्थ्य विभाग की उदासीन रवैये से मलेरिया पीड़ित लोगों के मौत का सिलसिला जारी4जीडब्लूपीएच4-रमकंडा में इलाजरत मलेरिया के मरीज4जीडब्लूपीएच9-अपना दर्द बयान करते गांव के लोग4जीडब्लूपीएच10-अस्पताल में बढ़ रही मरीजों की भीड़4जीडब्लूपीएच11-मलेरिया से मृत रेशमा के साथ परिजन प्रतिनिधि4रमकंडा रमकंडा प्रखण्ड में मलेरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है. शुक्रवार को लगातार चौथे दिन प्रखंड मुख्यालय के तुकुलखांड टोला निवासी सूरजदेव सिंह की पुत्री रेशमा कुमारी(सात) व संजय भुइयां का पुत्र अजित कुमार (पांच) ने मलेरिया से दम तोड़ दिया. क्षेत्र में इस तरह से लगातार मलेरिया से हो रही मौत से पूरा माहौल गमगीन हो गया है. समाचार के अनुसार शुक्रवार को मृतिका रेशमा के परिजनों ने उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था. अस्पताल में खून जांच से मलेरिया पॉजिटिव की पुष्टि हुई थी. लेकिन चिकित्सा पदाधिकारी डॉ गौतम यादव ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए गढ़वा सदर अस्पताल रेफर किया था. लेकिन रास्ते मे ही उसकी मौत हो गयी. मौत के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. पूछे जाने पर मृतिका के परिजनों ने बताया कि उसे करीब चार दिन से बुखार आ रहा था. लेकिन गरीबी के कारण बेहतर इलाज नही करा सके. वहीं संजय भुइयां के पुत्र का इलाज गुरुवार को मेडिकल कैंप में किया गया था, जहां से उसे भी गढ़वा रेफर किया गया था. लेकिन गढ़वा में समुचित इलाज नहीं होने से उसके परिजनों द्वारा उसे इलाज के लिए मेदिनीनगर ले गया था, जहां उसकी भी मौत हो गयी. मौत के बाद ग्रामीण जगु सिंह, बालदेव सिंह, रामजीत सिंह, दिनेश सिंह, अखलेश सिंह, मटरू सिंह, राजकुमार सिंह, संगीता देवी, कुंती देवी, बंधिया कुंवर, चिंता देवी, सुनीता कुमारी, प्रमिला देवी आदि ने बताया कि अस्पताल में जांच की कोई व्यवस्था नहीं है. वहीं समुचित इलाज की व्यवस्था नहीं होने के कारण वे देशी चिकित्सक से इलाज कराने व गरीबी के कारण झाड़- फूक कराने को विवश हैं. ग्रामीणों ने विभाग से मेडिकल कैम्प लगाने व स्वास्थ्य सुविधा बहाल करने की मांग की है. अस्पताल में बढ़ रही मरीजों की संख्याप्रखण्ड में इस तरह अचानक मलेरिया के कहर से इन दिनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. शुक्रवार को अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों में चार लोग मलेरिया से पीड़ित पाये गये. इसमें सीटू सिंह का पुत्र दशरथ सिंह व गुड्डू कुमार को रेफर कर दिया गया. वहीं मीणा देवी व हरि साव का अस्पताल से इलाज किया जा रहा है. वहीं अभी भी लोग इलाज के लिए अस्पताल में पहुंच रहे हैं. लगातार दूसरे दिन बिराजपुर गांव में डॉ कुलदेव चौधरी के नेतृत्व में चिकित्सा शिविर लगाया गया, जहां करीब 60 मरीजों का इलाज किया गया. इसमें वायरल फीवर, सर्दी खांसी के मरीज पाये गये. और कैंप बढ़ाने की जरूरत : डॉ गौतम इस संबंध में पूछे जाने पर चिकित्सा पदाधिकारी डॉ गौतम यादव ने कहा कि मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में कैंप किया जा रहा है. वहीं विभाग से मेडिकल टीम बढ़ाने की मांग की गयी है, ताकि जल्द से जल्द प्रभावित क्षेत्रों में इलाज किया जा सके.

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