East Singhbhum News : राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है ‘वंदे मातरम्’
Updated at : 07 Nov 2025 11:42 PM (IST)
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राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर शुक्रवार को सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला के विवेकानंद सभागार में सामूहिक गान का आयोजन हुआ.
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गालूडीह.
राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर शुक्रवार को सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला के विवेकानंद सभागार में सामूहिक गान का आयोजन हुआ. इसमें सभी विभागाध्यक्ष, सहायक प्राध्यापक और विद्यार्थी शामिल हुए. कुलसचिव डॉ. गुलाब सिंह आजाद ने कहा कि यह गीत भारत माता के प्रति सच्ची अभिव्यक्ति है, जो मन में जोश और देशभक्ति की भावना को प्रबल करता है. उन्होंने बताया कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदे मातरम् की रचना 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के दिन की थी, जो आज राष्ट्रीय एकता और गौरव का प्रतीक है. कार्यक्रम का आयोजन एनएसएस इकाई के नोडल पदाधिकारी पत्रि माली और समन्वयक डॉ. शिवचन्द्र झा के नेतृत्व में हुआ.वंदे मातरम् भारत माता के प्रति सच्ची अभिव्यक्ति है: गुलाबगालूडीह.
राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर शुक्रवार को सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला के विवेकानंद सभागार में सामूहिक गान का आयोजन हुआ. इसमें सभी विभागाध्यक्ष, सहायक प्राध्यापक और विद्यार्थी शामिल हुए. कुलसचिव डॉ. गुलाब सिंह आजाद ने कहा कि यह गीत भारत माता के प्रति सच्ची अभिव्यक्ति है, जो मन में जोश और देशभक्ति की भावना को प्रबल करता है. उन्होंने बताया कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदे मातरम् की रचना 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के दिन की थी, जो आज राष्ट्रीय एकता और गौरव का प्रतीक है. कार्यक्रम का आयोजन एनएसएस इकाई के नोडल पदाधिकारी पत्रि माली और समन्वयक डॉ. शिवचन्द्र झा के नेतृत्व में हुआ.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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