टाटा वर्कर्स यूनियन चुनाव में पदाधिकारियों के नामांकन नहीं होंगे रिजेक्ट, संविधान संशोधन को मिली मंजूरी

Updated:
विज्ञापन

टाटा वर्कर्स यूनियन के संविधान को कमेटी मेंबर्स ने हाथ उठाकर दी मंजूरी. फोटो : प्रभात खबर

Tata Workers Union News: टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नू की अध्यक्षता में हुई मीटिंग के दौरान महासचिव सतीश सिंह ने नये संविधान संशोधन को पढ़कर सुनाया. इसके बाद इसको मंजूरी दी गयी. धन्यवाद ज्ञापन डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह ने किया. 3 कमेटी मीटिंग के बाद संविधान संशोधन को यूनियन के सदन से मंजूरी दी गयी. अब इसे आम कर्मचारियों के बीच आमसभा में ले जाया जायेगा.

विज्ञापन

Tata Workers Union News: टाटा वर्कर्स यूनियन के संविधान संशोधन को कमेटी मेंबर्स के हाउस से मंजूरी मिल गयी. मंगलवार को हुई कमेटी मीटिंग में इस संशोधन को हाथ उठाकर कमेटी मेंबर्स ने मंजूरी दे दी. इसके बाद अब यूनियन की आमसभा होगी, जिसके बाद इसको श्रम विभाग के पास भेजा जायेगा. फिर नये संविधान संशोधन को मंजूरी मिल जायेगी. इसके बाद यूनियन संशोधित संविधान से संचालित होगी. इस बार के संविधान संशोधन में चौंकाने वाली बात को मंजूरी दी गयी है.

आपके शहर में

विज्ञापन

त्रुटि के बाद भी रिजेक्ट नहीं होगा फॉर्म

यूनियन के चुनाव के दौरान अगर पदाधिकारी के नामांकन में किसी तरह की कोई त्रुटि है या स्पेलिंग व टाइपिंग मिस्टेक है, तो इस आधार पर फॉर्म को रिजेक्ट नहीं किया जायेगा. यह अपनी तरह का अनोखा संशोधन है, क्योंकि देश में होने वाले सभी चुनावों में रिजेक्शन का प्रावधान है. इस बार चुनाव में सिर्फ पदाधिकारियों के नामांकन को रिजेक्ट करने का प्रावधान हटा दिया गया है. हालांकि, कमेटी मेंबर्स के नामांकन फॉर्म में अगर गलती मिलेगी, तो रिजेक्शन का प्रावधान है.

Tata Workers Union News: कहीं से नहीं उठे विरोध के स्वर

अब इस संविधिन संशोधन पर नये सिरे से बहस छिड़ सकती है. हालांकि, कमेटी मीटिंग के दौरान इसका किसी ने विरोध नहीं किया. पदाधिकारियों और कमेटी मेंबर्स ने हाथ उठाकर नये संशोधन को मंजूरी दे दी. 26 और 28 नवंबर को यूनियन के संविधान संशोधन पर कमेटी मीटिंग हुई थी. उसमें मिले सुझाव का अध्ययन करने के बाद फाइनल मसौदे को मंगलवार को पेश किया गया. इसे कमेटी की मंजूरी मिल गयी.

सतीश सिंह ने संविधान संशोधन पढ़कर सुनाया

टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नू की अध्यक्षता में हुई मीटिंग के दौरान महासचिव सतीश सिंह ने नये संविधान संशोधन को पढ़कर सुनाया. इसके बाद इसको मंजूरी दी गयी. धन्यवाद ज्ञापन डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह ने किया. 3 कमेटी मीटिंग के बाद संविधान संशोधन को यूनियन के सदन से मंजूरी दी गयी. अब इसे आम कर्मचारियों के बीच आमसभा में ले जाया जायेगा.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

कर्मियों की संख्या कम है, इसलिए संशोधन

टाटा वर्कर्स यूनियन के पिछले चुनाव में कंपनी के 32 से अधिक विभाग (निर्वाचन क्षेत्र) चिह्नित किये गये, जहां कर्मचारियों की संख्या मात्र 30 से 35 है. यूनियन नेताओं को स्पष्ट कर दिया गया है कि वर्तमान में 15-20 कर्मचारियों पर एक कमेटी मेंबर होना तर्कसंगत नहीं है. यूनियन का जब संविधान बना था, उस समय कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या 90 हजार के आसपास थी. वर्तमान में यह घटकर 11 हजार रह गयी है. वर्तमान में 60 कमेटी मेंबर ऐसे हैं, जिनके निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं की औसत संख्या 50 है. 30 कमेटी मेंबर के मतदाताओं की औसत संख्या 75 है. 32 से अधिक कमेटी मेंबर ऐसे हैं, जिन्हें औसत 30-35 कर्मचारी ही चुनते हैं. यही वजह है कि संविधान संशोधन किया गया है.

2012 में मर्ज हुई थी यूनियन की सुपरवाइजरी यूनिट

टाटा वर्कर्स यूनियन में पहले भी संविधान संशोधन कर कमेटी मेंबर्स की संख्या कम की जा चुकी है. वर्ष 2012 से पहले यूनियन में वर्कर्स के अलावा सुपरवाइजरी यूनिट होती थी. वर्कर्स के 214 कमेटी मेंबर्स के अलावा 90 कमेटी मेंबर सुपरवाइजरी यूनिट के होते थे. सुपरवाइजरों की संख्या कम होने पर प्रबंधन के कहने पर यूनियन ने संविधान संशोधन कर सुपरवाइजरी यूनिट को वर्कर्स यूनिट में मर्ज कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने भी इसको लेकर एक आदेश देते हुए एक यूनियन में 2 तरह की व्यवस्था पर आपत्ति जतायी थी. इसके बाद सुपरवाइजरी यूनिट को इसमें मर्ज कर दिया गया था. पीएन सिंह के कार्यकाल में ही संविधान संशोधन हुआ था.

संविधान संशोधन के इन प्रावधानों को मिली मंजूरी

  • यूनियन के चुनाव में अब 50 कर्मचारियों पर एक सीट होगी. यह संख्या 160 से कम नहीं होगी. अभी टाटा वर्कर्स यूनियन में 214 सीटें हैं. यानी 214 कमेटी मेंबर हैं. उनकी जगह अब न्यूनतम 160 कमेटी मेंबर होंगे. अधिकतम की कोई सीलिंग नहीं होगी, क्योंकि 50 कर्मचारी पर एक सीट बननी है.
  • टाटा वर्कर्स यूनियन फेडरेशन का रूप लेगी. फेडरेशन के अधीन देशभर की टाटा स्टील की सारी यूनियनें काम करेंगी. यानी एक अभिभावक यूनियन के तौर पर टाटा वर्कर्स यूनियन होगा.
  • देश के नये आइआर कोड बिल 2020 को टाटा वर्कर्स यूनियन के संविधान में समाहित किया जायेगा. वहां जो बदलाव होगा, उसको टाटा वर्कर्स यूनियन में लागू किया जायेगा.
  • कमेटी मेंबर्स के चुनाव के लिए नामांकन में 3-3 प्रपोजल और सेकेंडर, जबकि ऑफिस बियरर के चुनाव के लिए 4-4 प्रोपोजर और सेकेंडर की जरूरत होगी.
  • पदाधिकारियों के चुनाव में नामांकन फॉर्म में किसी तरह की गलती होने पर फॉर्म को रिजेक्ट नहीं किया जायेगा. स्पेलिंग या टाइपिंग की गलती होने पर भी फॉर्म रिजेक्ट नहीं किये जा सकेंगे.
  • खाली होने वाली कमेटी मेंबर या पदाधिकारी की सीट पर 6 माह के भीतर उपचुनाव कराना अनिवार्य कर दिया गया है.

इसे भी पढ़ें

Jamshedpur News : टाटा वर्कर्स यूनियन का कमेटी मीटिंग 13 को, संविधान संशोधन का आयेगा प्रस्ताव

Jamshedpur news. टाटा वर्कर्स यूनियन के उपाध्यक्ष शहनवाज आलम सम्मानित

Jamshedpur news. टाटा स्टील के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी गयी विदाई

टाटा स्टील के कर्मचारियों के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा टाटा वर्कर्स यूनियन

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola