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East Singhbhum News : भूमि विवाद में अटका स्कूल का भवन निर्माण

Updated at : 04 Dec 2025 12:04 AM (IST)
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East Singhbhum News : भूमि विवाद में अटका स्कूल का भवन निर्माण

मुसाबनी : बारुनिया प्रावि के लिए 40 साल पहले भूमि दान करने वाले परिवार ने आपत्ति जतायी

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मुसाबनी. मुसाबनी प्रखंड की सुरदा पंचायत स्थित बारुनिया प्राथमिक विद्यालय का भवन निर्माण भूमि विवाद के कारण ठप है. विद्यालय का भवन वर्ष 1985 में बना था, जो जर्जर हो गया. ऐसे में विद्यालय परिसर में बने क्लब भवन में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है. विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक करीब 40 बच्चे नामांकित हैं. करीब 1 वर्ष से अधिक समय से क्लब भवन के बरामदे में बैठकर बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. भवन निर्माण विभाग ने जुलाई, 2025 में विद्यालय में दो अतिरिक्त कमरों के साथ एक बरामदे के निर्माण की निविदा निकाली. करीब 15.5 लाख रुपये की लागत से विद्यालय में 2 कमरों के निर्माण का ठेका नमन इंटरप्राइजेज को मिला. अक्तूबर में काम शुरू हुआ. संवेदक ने पुराने भवन को गिराकर नये निर्माण के लिए गड्ढे खोदकर काम शुरू करने के लिए चिप्स (गिट्टी) व बालू गिराया गया. इसी बीच विद्यालय के के लिए करीब 40 वर्ष पूर्व भूमि दान करने वाले बास्ता मुर्मू के परिवार ने निर्माण कार्य को रोक दिया. परिवार के अनुसार वह भूमि पर व्यवसाय कर अपने परिवार की आजीविका चलाना चाहते हैं. परिवार वालों ने विद्यालय के लिए दूसरी जगह जमीन दान देकर कमरा बनाने की बात कही. भूमि दाता परिवार के विरोध के कारण कमरे निर्माण का कार्य संवेदक को रोकना पड़ा.

दोनों पक्षों के आवेदन को भेजा गया जिला :

दोनों पक्षों के आवेदन को जिला में भेजा गया है. वहां से अबतक कोई निर्देश नहीं मिला है. भवन निर्माण के लिए खोदे गये गड्ढों में बच्चों के गिरने का खतरा है. बारुनिया प्राथमिक विद्यालय का संचालन के लिए प्राथमिक विद्यालय चरणडीह के शिक्षक राजू कुमार पुरी और बाकड़ा प्राथमिक विद्यालय महादेवघुटू की पारा शिक्षिका मंजू हांसदा की प्रतिनियुक्ति की गयी है.

दूसरी जगह भवन बना, तो अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे : अभिभावक

इस मुद्दे पर ग्राम प्रधान यश मार्डी की अध्यक्षता में ग्रामसभा की बैठक हुई. इसमें मुखिया इसाक बाखला, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, अंचल कर्मी तथा विभाग के कनीय अभियंता उपस्थित हुए. अभिभावकों ने कहा कि वर्तमान भूमि पर ही कमरों का निर्माण हो. विद्यालय में चहारदीवारी, शौचालय, रसोई घर समेत तमाम सुविधाएं हैं. दूसरी जगह पर विद्यालय का निर्माण किया जाता है, तो वे अपने बच्चों को विद्यालय नहीं भेजेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ATUL PATHAK

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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