East Singhbhum News : बालू-गिट्टी के बढ़े दाम आवास निर्माण में बाधक
Author Akash
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घाटशिला : 1000 ईंट के लिए 9000 रुपये दे रहे लाभुक
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घाटशिला.
घाटशिला की कालचिती पंचायत के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में अबुआ आवास योजना के तहत लाभुक अपने-अपने घरों का निर्माण कर रहे हैं. निर्माण सामग्रियों के बढ़ते दाम से लाभुकों को आवास निर्माण में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है. ग्रामीणों के अनुसार, सरकारी दर में बालू की कीमत 100 सीएफटी के लिए 650 रुपये है, वहीं बाजार में यह 6000 रुपये में उपलब्ध है. इसी तरह 100 सीएफटी गिट्टी लगभग 7000 रुपये में मिल रही है. ईंट की कीमत भी बढ़कर 1000 ईंट के लिए 9000 रुपये तक पहुंच गयी है. बढ़ती महंगाई से लाभुकों के लिए आवास निर्माण चुनौतीपूर्ण हो गेया है. छतरडांगा गांव की लाभुक गुलाबी सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा आवास निर्माण के लिए 2 लाख रुपये और मजदूरी दर 40 रुपये प्रतिघंटा के हिसाब से दी जा रही है. उन्होंने कहा कि महंगाई के कारण कम से कम डेढ़ से दो लाख रुपये का खर्च अलग से करना पड़ रहा हैं. लाभुकों ने बताया कि सरकारी कर्मचारी समय-समय पर निरीक्षण के लिए आते हैं और सुझाव भी देते हैं, लेकिन निर्माण सामग्री और मजदूरी दर बढ़ने से कार्य में मुश्किलें आ रही हैं.मुखिया ने पंचायत क्षेत्र के आधा दर्जन आवासों का निरीक्षण कर लाभुकों को बताया कि वे घर बनाना जारी रखें. जल्द ही उन्हें द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ किस्त की राशि दी जायेगी. पंचायत क्षेत्र में वर्तमान समय में लगभग 171 आवासों का निर्माण कार्य जारी है. बरसात से पहले निर्माण सामग्री उपलब्ध नहीं हो पाती थी, जिससे कार्य की गति प्रभावित हुई थी. अब मौसम सुधार के साथ ही अधिकतर लाभुक तेजी से घर निर्माण में जुट गये हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की योजना अच्छी है, लेकिन महंगाई के इस दौर में आवास निर्माण आम लोगों के लिए अब भी चुनौती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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