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East Singhbhum News : पेसा कानून से पारंपरिक ग्रामसभा को मिलेगा संवैधानिक अधिकार

Updated at : 24 Dec 2025 11:26 PM (IST)
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East Singhbhum News : पेसा कानून से पारंपरिक ग्रामसभा को मिलेगा संवैधानिक अधिकार

पेसा नियमावली को मंजूरी मिलने पर सरकार का आभार व्यक्त किया

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घाटशिला. पारंपरिक ग्राम सभाओं ने बुधवार को पेसा दिवस मनाया. राज्य सरकार की ओर से पेसा नियमावली 2025 को कैबिनेट से मंजूरी मिलने पर माझी पारगना माहाल बाखुल पावड़ा घाटशिला में कार्यक्रम किया गया. सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया. बताया कि ग्राम सभा को संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए धाड़ दिशोम माझी परगना महाल के देश परगना बाबा स्व हरेंद्र नाथ मुर्मू के नेतृत्व में पूर्वी सिंहभूम से दिल्ली तक पदयात्रा कर राजघाट पर धरना दिया गया था. भारत जन आंदोलन से जुड़े डॉ बीडी शर्मा, बंदी उरांव, दिलीप सिंह भूरिया, रामचंद्र मुर्मू, पूर्व विधायक कॉमरेड बास्ता सोरेन, यादुनाथ बास्के समेत कई सामाजिक नेताओं के आंदोलन के परिणाम स्वरूप वर्ष 1996 में पेसा अधिनियम पारित हुआ, जो वर्तमान में झारखंड सहित नौ राज्यों में लागू है. कार्यक्रम में बताया कि पेसा कानून लागू होने से पारंपरिक ग्राम सभाओं को संवैधानिक अधिकार मिलेंगे. इससे वे जल-जंगल-जमीन के संरक्षण, हाट-बाजार प्रबंधन, लघु वनोपज, पारंपरिक विवाद निपटारे और विकास कार्यों में सशक्त भूमिका निभा सकेंगे. दुर्गा चरण मुर्मू ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जो आश्वासन दिया था, उन्होंने पूरा किया है. पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था ने सरकार के प्रति आभार प्रकट किया. उन्होंने सरकार से जल्द अधिसूचना जारी कर कानून को ग्राम सभाओं के हवाले करने की मांग की. मौके पर बैजू मुर्मू आदि उपस्थित थे.घाटशिला में मनाया गया पेसा दिवस

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ATUL PATHAK

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