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आंधी-पानी से जुगीशोल पंचायत के कई घरों के छप्पर उड़े

Updated at : 07 May 2024 11:12 PM (IST)
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आंधी-पानी से जुगीशोल पंचायत के कई घरों के छप्पर उड़े

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तिलाबनी में शरत मुर्मू और मानसिंह सोरेन के घर के छप्पर उड़ गये. परिवार के सदस्य बाल-बाल बचे गये. लोगों ने भाग कर जान बचायी.

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धालभूमगढ़. सोमवार को आयी तेज आंधी व पानी से प्रखंड के दो गांवों के कई घरों को नुकसान पहुंचा है. जुगीशोल पंचायत के दलकी गांव में रसीदा खातून, तबस्सूम बीबी और शेख शमीम की फूस की झोपड़ी उड़कर क्षतिग्रस्त हो गयी. बारिश से घर के कई सामान बर्बाद हो गये. तिलाबनी में शरत मुर्मू और मानसिंह सोरेन के घर के छप्पर उड़ गये. परिवार के सदस्य बाल-बाल बचे गये. लोगों ने भाग कर जान बचायी. पीड़ित परिवारों ने मुखिया चंपा रानी मुर्मू को आपदा की जानकारी दी. मंगलवार को मुखिया ने गांव का दौरा कर पीड़ित परिवारों से भेंट की. क्षति का जायजा लिया. इधर, धालभूमगढ़ चौक स्थित इंडियन ऑयल के ऑटो फिल के शेड पर एक डाली टूट कर गिर गयी.

दामपाड़ा में आंधी, बारिश व ठनका से 15 घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित

घाटशिला प्रखंड की दामपाड़ा क्षेत्र में सोमवार की शाम आंधी-तूफान व बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने से करीब 15 घंटे से विद्युत बाधित रही. इसके बाद बिजली बहाल की गयी. आंधी-तूफान से बड़ाजमुना विद्युत सब-स्टेशन में धालभूमगढ़ से आने वाले 33 केवी लाइन में गड़बड़ी आ गयी. सोमवार शाम 5 बजे से लेकर 11 बजे रात तक विद्युत प्रभावित रही. मिस्त्रियों ने बताया कि आंधी-तूफान से आसना झारबेड़ा में कई जगहों पर इंसुलेटर ब्लास्ट कर गया. खरस्वती में ठनका का प्रभाव दिखा. बड़ाजुड़ी के आसपास के क्षेत्र में कई जगहों पर बिजली के तार पर पेड़ की डालियां टूट कर गिर गयी. कनीय अभियंता आनंद कच्छप ने बताया कि बीते सोमवार को आंधी-तूफान के कारण विद्युत प्रभावित रही. मंगलवार को मरम्मत का काम चल रहा है, जिससे विद्युत आपूर्ति सुचारू की जा सके. आसना, काड़ाडूबा, बड़ाजुड़ी, भदुआ और बड़ाबांकी में विद्युत आपूर्ति प्रभावित है. सभी जगहों पर विद्युत सप्लाई शुरू करने के लिए काम जारी है.

बहरागोड़ा में आंधी-बारिश से गरमा धान को क्षति

बहरागोड़ा में सोमवार की शाम आंधी-तूफान से किसानों को क्षति पहुंची है. खेतों में गरमा धान पक कर तैयार हो गये थे. तेज हवा के कारण खेतों में धान गिर गये व बाली से धान झड़ गये. किसानों ने कहा कि धोसा नामक बीमारी ने किसानों की कमर तोड़ दी है. दूसरी ओर, तेज हवा एवं बारिश ने पके धान को बर्बाद कर दिया है. इस बार खेती में किये गये खर्च को उठाना भी मुश्किल है. किसानों को लगातार कुछ वर्षों से आपदा के कारण क्षति हो रही है. क्षतिपूर्ति की दिशा में किसी प्रकार की पहल नहीं हो रही है.

आंधी-पानी से गरमा धान की फसल बर्बाद, किसान मायूस

किसानों ने जिला प्रशासन से क्षतिपूर्ति देने की मांग की

बरसोल में आयी आंधी-बारिश से किसानों को काफी क्षति पहुंची है. गरमा धान की फसल जमीन पर गिर गयी. इससे धान की फसलों को काफी नुकसान हुआ है. पिछले दिनों बीमारी के कारण गरमा धान को क्षति पहुंची थी. अब प्राकृतिक आपदा से नुकसान हुआ है. किसान दोहरी मार झेल रहे हैं. इससे किसानों में मायूसी छा गयी है. कई एकड़ खेतों में धान की फसल गिर गयी. कुमारडुबी, चित्रेश्वर, बहुलिया, पचांदो, बारासती आदि गांवों में सैकड़ों एकड़ में लगी धान कटाई के लिए तैयार था. तेज हवा के कारण फसल गिरकर झड़ गये. इससे उत्पादन पर व्यापक असर पड़ेगा. किसान शामल दास, माणिक सांड, हरिशंकर सेनापति, अशोक सेनापति, गौरहरि दास, समीर राणा ने बताया कि धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है. किसानों ने जिला प्रशासन से नुकसान का आकलन कराकर मुआवजा देने की मांग की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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