East Singhbhum News : नहीं खुले सरकारी केंद्र, बाजार में 14-15 रुपये किलो धान बेच रहे किसान

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East Singhbhum News : नहीं खुले सरकारी केंद्र, बाजार में 14-15 रुपये किलो धान बेच रहे किसान

गालूडीह में ज्यादातर किसानों के पास धान भंडारण की व्यवस्था नहीं, 15 दिसंबर तक महुलिया लैंपस में धान क्रय केंद्र खुलने की संभावना

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गालूडीह. घाटशिला प्रखंड के गालूडीह क्षेत्र की आठ पंचायतों के किसान इन दिनों धान कटनी में जुटे हैं. खलिहान में धान लाकर रखने लगे हैं. हालांकि, किसानों के पास बड़ी मात्रा में धान रखने की व्यवस्था नहीं है. ऐसे में किसान कम कीमत पर धान बेचने को विवश हैं. वहीं, दूसरी ओर सरकारी स्तर पर धान क्रय केंद्र नहीं खुला है. किसान खुले बाजार और गांव में पहुंचने वाले व्यापारियों को 14 से 15 रुपये किलो की दर से धान बेच रहे हैं.

ज्ञात हो कि महुलिया लैंपस में प्रत्येक साल सरकारी स्तर पर धान क्रय केंद्र खुलता है. इस बार 15 दिसंबर तक खुलने की संभावना है. किसान कहते हैं, धान रखेंगे कहां? इसलिए विवश होकर बेच रहे हैं. लैंपस में केंद्र खुलेगा, तो देखेंगे.

इस बार एक मुश्त भुगतान करेगी सरकार

इस बार राज्य सरकार ने घोषणा की है कि क्रय केंद्र में धान बेचने वालों किसानों को एक मुश्त पैसा भुगतान करेगी. किसानों के लिए अच्छी खबर है. पहले 50 प्रतिशत तुरंत और 50 प्रतिशत कई माह या साल भर बाद मिलता था. इससे किसान लैंपसों में धान बेचने से कतराते थे. अब पूरा भुगतान एक साथ होगा.

उधार चुकाने के लिए बाहर धान बेचते हैं किसान

किसानों ने बताया कि लोगों से उधार लेकर खेती की थी. देनदारी के कारण धान काटने के बाद खुले बाजार में 14-15 रुपये की दर से धान बिक्री कर रहे हैं. लैंपस में धान खरीदी समय से नहीं होती है. महीनों बाद खरीदी होती है. पैसा भी तत्काल नहीं मिल पाता है. फलस्वरूप वह अपने उपज खुले बाजार में बेचते हैं. लैंपस में धान बिक्री के बाद लंबे समय तक भुगतान का इंतजार करना पड़ता है. गालूडीह क्षेत्र में महुलिया, जोड़सा, बाघुड़िया, झाटीझरना, हेंदलजुड़ी, बनकांटी, उलदा, बड़ाकुर्शी पंचायत के किसान महुलिया लैंपस ही धान बेचने आते हैं. संभावना है कि 15 दिसंबर तक धान क्रय केंद्र खुल जायेगा.

3200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों से धान खरीदे सरकार : डॉ गोस्वामी

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिनेशानंद गोस्वामी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से 3200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों से धान खरीदने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि 2024 के विधानसभा चुनाव के पूर्व झामुमो गठबंधन ने 3200 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से धान क्रय का वादा किया था. एक वर्ष बाद भी गठबंधन सरकार ने किसानों से किये वादे को नहीं निभाया. भाजपा की ओडिशा सरकार अपने वायदे के अनुरूप 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों से धान खरीद रही है. डाॅ गोस्वामी ने कहा कि केंद्र सरकार लगभग 2400 रुपये प्रति क्विंटल धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य किसानों को प्रदान करती है. डॉ गोस्वामी ने कहा कि प्रतिकूल मौसम में राज्य के किसानों ने काफी परिश्रम से धान का उपज किया. सरकार किसानों के परिश्रम का सम्मान करें.

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Avinash Jha

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