डुमरिया में मॉडल स्कूल भवन बिना खुले बन गया खंडहर, अब उसके बगल में रह रहा 2.67 करोड़ का छात्रावास

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26जी 14- खंडहर बना मॉडल स्कूल भवन. 26जी 15- बगल में रह छात्रावास | Prabhat Khabar Network

खंडहर बना मॉडल स्कूल भवन. | Prabhat Khabar Network

डुमरिया में मॉडल स्कूल का भवन 2015 से अधूरा और खंडहर बना है, लेकिन उसके बगल में ही करोड़ों की लागत से छात्रावास का निर्माण कार्य शुरू हो गया है.

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प्रतिनिधि, डुमरिया डुमरिया प्रखंड की विडंबना देखिये यहां के मॉडल स्कूल भवन 2015 से अधूरा पड़ा है और उसे पूरा करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई और मॉडल विद्यालय का अधूरा भवन अब खंडहर बन गया है. मॉडल विद्यालय का कोई ठिकाना नहीं पर अब ठिक उसके बगल में ही 2 करोड 67 लाख 85 हजार की लागत से झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद रांची के तहत छात्रावास निर्माण कार्य शुरू हो गया है. यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ. डुमरिया में मॉडल स्कूल की स्थापना 2011में हुई. इसकी शुरूआत अष्टकोशी प्लस टू उच्च विद्यालय भालुकपातडा परिसर में हुई और आज भी उसी विद्यालय के तीन पुराने कमरों में विद्यालय चल रहा है. 15 मई 2015 में डुमरिया के बारेडीह गांव में इसके नये भवन के लिए शिलान्यास किया गया. लेकिन भवन आज भी अधूरा है. विद्यालय भवन को पूरा करने की दिशा में पहल होनी थी, लेकिन आश्चर्य जनक ढंग से विद्यालय भवन के पास छात्रावास का निर्माण हो रहा है. जब विद्यालय ही अधूरा है, तो छात्रावास का औचित्य क्या है. छात्रावास बनकर तैयार भी हो जाता है तो उसमें रहेगा कौन. वह भी विद्यालय की तरह धीरे-धीरे खंडहर बन जायेगा. झारखंड का यह पहला विद्यालय होगा जहां विद्यालय भवन नहीं हैं लेकिन उस विद्यालय के लिए छात्रावास बनाया जा रहा है. जबकि यह विद्यालय गैर आवासीय है. हालांकि सुदूर क्षेत्र के मॉडल विद्यालयों में छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए कुछ मॉडल विद्यालयों में छात्रावास का प्रावधान किया जा रहा है.


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मो. युनूस परवेज

लेखक के बारे में

By मो. युनूस परवेज

मो. युनूस परवेज वर्ष 1995 से पत्रकारिता कर रहे हैं. उन्होंने घाटशिला महाविद्यालय और रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक और राजनीतिक विज्ञान ऑनर्स की डिग्री हासिल की है. इनकी राजनीति, अपराध, नक्सलवाद, खेल, शिक्षा और खेती किसानी की खबरों में विशेष रुचि है. डिजिटल जर्नलिज्म में 5 साल का अनुभव है.

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