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East Singhbhum News : लगातार तीन दिनों की बारिश से फसल के सड़ने की चिंता बढ़ी

Updated at : 30 Oct 2025 11:23 PM (IST)
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East Singhbhum News : लगातार तीन दिनों की बारिश से फसल के सड़ने की चिंता बढ़ी

घाटशिला. कटे हुए धान के खेतों में भर गया पानी, किसान चिंतित

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घाटशिला. घाटशिला क्षेत्र में बीते तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है. पके हुए और कटे हुए धान के खेतों में पानी भर गया है, जिससे फसल सड़ने और अंकुरण की संभावना बढ़ गयी है. कालचिती पंचायत के कालचिती गांव निवासी किसान वासुदेव महतो और उनके पुत्र अमित महतो अपने परिवार के साथ कटे हुए धान को बचाने और सुखाने में जुटे हुए थे. बताया कि बीते तीन दिनों की बारिश से फसल को काफी क्षति हुई है. हमने बारिश शुरू होने से पहले धान की कटाई की थी, लेकिन अब फसल को सुरक्षित रखना मुश्किल हो गया है. गंधनिया के किसान विमल हेंब्रम, छोटा जमुना के जलन टुडू और खरस्वती के यदुनाथ सोरेन समेत कई किसानों ने बताया कि कई जगहों पर खेतों में खड़ा धान पानी में लबालब डूब गया है. वहीं, कुछ किसानों ने कटे हुए धान को प्लास्टिक से ढककर बचाने का प्रयास किया.

गालूडीह : धूप निकलने से किसानों को मिली राहत

गालूडीह. गालूडीह में मंगलवार से रुक रुककर हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. इस बारिश से खेतों में कटी पड़ी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे कई किसानों की साल भर की मेहनत बर्बाद हो गयी. किसानों ने अपनी पक चुकी धान की फसल को काटकर सूखने के लिए खेतों में छोड़ा था. अचानक हुई बारिश से कटी हुई फसल की बालियां भीग गयी, जिससे उनमें अंकुरण का खतरा बढ़ गया है.

गुरुवार को धूप निकलने के बाद किसान कटी हुई धान की बालियों को खेत से निकाल कर मेढ़ पर सुखाते दिखे. किसानों ने बताया कि धान कटाई के लिए पूरी तरह तैयार थी और हमने इसे काटकर खेत में डाला था. अब इस बारिश ने सब बर्बाद कर दिया है. यह हमारी साल भर की मेहनत है. इस बारिश से फसल की गुणवत्ता और उपज दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. बड़ाखुर्शी सुंदरपुर टोला निवासी किसान दोलगोविंद सिंह ने बताया कि बारिश से उनका एक एकड़ जमीन पर लगी धान सफल बर्बाद हो गयी है.

– खअब तक किसी किसान ने औपचारिक शिकायत नहीं की है, फिर भी विभाग की ओर से स्थिति का सर्वे कराया जा रहा है. घाटशिला प्रखंड के दामपाड़ा, आसना, काड़ाडूबा, कालचिती, भादुआ, बांकी, झांटीझरना और काशिदा जैसे क्षेत्रों में 90% लोग खेती पर निर्भर हैं. ऐसे में धान की फसल को नुकसान पहुंचने पर किसानों की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर डाल सकता है

-अमरनाथ पांडे, कृषि प्रभारी, घाटशिला प्रखंड

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ATUL PATHAK

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