East Singhbhum News : गर्ल्स हॉस्टल में अव्यवस्था का आलम, बिना सुरक्षा के 110 छात्राएं रहने को विवश

Author Akash
Updated:
विज्ञापन
East Singhbhum News : गर्ल्स हॉस्टल में अव्यवस्था का आलम, बिना सुरक्षा के 110 छात्राएं रहने को विवश

चाकुलिया का आदिवासी बालिका छात्रावास बदहाल: दो माह से रात्रि प्रहरी नहीं

विज्ञापन

चाकुलिया.

चाकुलिया स्थित एनडी रुंगटा गर्ल्स हाई स्कूल परिसर में कल्याण विभाग द्वारा संचालित आदिवासी बालिका छात्रावास घोर समस्याओं से जूझ रहा है. छात्रावास में रहने वाली 110 छात्राएं असुविधा और असुरक्षा का सामना कर रही हैं. सबसे चिंताजनक बात यह है कि छात्रावास में दिन एवं रात्रि प्रहरी की कोई व्यवस्था नहीं है, जबकि सुरक्षा की दृष्टि से यह अत्यंत आवश्यक है. छात्रावास की अधीक्षक जोबा कुसुम सोरेन ने इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी को पत्र लिखकर तत्काल रात्रि प्रहरी की नियुक्ति की मांग की है. उन्होंने बताया कि पूर्व रात्रि प्रहरी शत्रुघ्न सरदार के सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद खाली था. बाद में मानिक सरदार को 12 अप्रैल 2017 को नियुक्त किया गया था, जो 30 सितंबर 2025 को सेवानिवृत हो गये. वर्तमान में रात्रि प्रहरी का पद रिक्त है. ऐसी स्थिति में 110 बालिकाओं का बिना सुरक्षा के रहना अत्यंत मुश्किल हो गया है.

डाइनिंग हॉल का अभाव, छात्राएं जहां-तहां बैठकर करती हैं भोजन

छात्रावास में डाइनिंग हॉल नहीं है. 110 छात्राओं के लिए मात्र एक रसोइया है, जो सभी के लिए भोजन बनाती हैं. बच्चियों को भोजन के लिए परिसर में जहां जगह मिलती है, वहीं बैठकर खाना पड़ता है.

शौचालयों की हालत बदतर:

छात्रावास के शौचालय अत्यंत दयनीय स्थिति में हैं. फर्श टूटा हुआ है, पैन क्षतिग्रस्त हो चुका है और दीवारों से लगातार पानी रिस रहा है, जिससे दीवारें खराब हो चुकी हैं.

मेंटेनेंस के अभाव में भवन जर्जर, खिड़कियां-दीवारें क्षतिग्रस्त

छात्रावास भवन की न तो रंगाई-पुताई हुई है और न ही वर्षों से कोई मरम्मत. खिड़कियां टूट चुकी हैं, जिन्हें खोलने पर गिर जाने का खतरा रहता है. दीवारों में दरारें बढ़ती जा रही हैं. छात्राओं का कहना है कि समय पर मरम्मत नहीं हुई तो पूरा भवन किसी भी समय क्षतिग्रस्त हो सकता है.

10 साल से नहीं मिला बिस्तर, चादर और कंबल

छात्रावास में अंतिम बार बिछावन लगभग 10 वर्ष पूर्व दिया गया था, जो अब पूरी तरह खराब हो चुका है. कल्याण विभाग द्वारा पिछले एक दशक से न तो बिस्तर, न चादर और न ही कंबल उपलब्ध कराया गया है. मजबूरी में छात्राओं को अपने घरों से बिस्तर व कंबल लाने पड़ रहे हैं.

जर्जर गेस्ट हाउस के नवनिर्माण की मांग

विद्यालय के मुख्य द्वार पर स्थित गेस्ट हाउस पूरी तरह जर्जर हो चुका है. छात्रावास या विद्यालय में आने वाले अभिभावक इसी में इंतजार करते हैं, लेकिन इसकी स्थिति अब उपयोग योग्य नहीं है. दिन एवं रात्रि प्रहरी भी इसी जर्जर भवन में रहते रहे हैं. छात्रावास अधीक्षक ने नये गेस्ट हाउस के निर्माण की मांग उठायी है.

लिखित शिकायत मिलने पर करेंगे समाधान का प्रयास: पल्लव भगत

चाकुलिया के प्रभारी प्रखंड कल्याण पदाधिकारी पल्लव भगत ने बताया कि हाल ही में उन्हें विभाग का जिम्मा मिला है. छात्रावास की समस्याओं से अवगत नहीं थे. लिखित शिकायत मिलने पर सभी समस्याओं को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाया जायेगा. रात्रि प्रहरी के लिए आवेदन पहुंचा है. आवेदन वरीय पदाधिकारी को भेज दिया गया है.मार्च महीने में चाकुलिया प्रखंड कार्यालय से कल्याण विभाग की टीम छात्रावास का निरीक्षण करने पहुंची थी. उस दौरान उन्हें सभी समस्याओं से अवगत कराया गया था. लेकिन उनके जाने के 8 महीने बीत जाने के बाद भी अब तक छात्राओं की सुविधाओं को लेकर कोई काम नहीं किया गया है.

– जोबा कुसुम सोरेन, अधीक्षक, आदिवासी बालिका छात्रावास,चाकुलिया

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Akash

लेखक के बारे में

By Akash

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola