बहरागोड़ा में लगेगी पेपर मिल, मिलेगा रोजगार

Updated at : 11 May 2017 5:56 AM (IST)
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बहरागोड़ा में लगेगी पेपर मिल, मिलेगा रोजगार

कोषाफालिया.मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पंडित रघुनाथ मुर्मू की मूर्ति का किया अनावरण, कहा बांस उत्पादकों को मिलेगी उचित कीमत गुड़ाबांदा के बालीजुड़ी के पास सुवर्णरेखा नदी पर बनेगा पुल एनएच 33 से पाथरा आने वाली 15 किमी सड़क का होगा निर्माण बहरागोड़ा : सरकार महिलाओं को हाथों का हुनर सीखा कर स्वावलंबी बनाना चाहती है. […]

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कोषाफालिया.मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पंडित रघुनाथ मुर्मू की मूर्ति का किया अनावरण, कहा

बांस उत्पादकों को मिलेगी उचित कीमत
गुड़ाबांदा के बालीजुड़ी के पास सुवर्णरेखा नदी पर बनेगा पुल
एनएच 33 से पाथरा आने वाली 15 किमी सड़क का होगा निर्माण
बहरागोड़ा : सरकार महिलाओं को हाथों का हुनर सीखा कर स्वावलंबी बनाना चाहती है. कंबल, चादर, अंडा का टेंडर बंद होगा. उद्यमी सखी मंडल का गठन होगा. राज्य में कंबल का प्लांट लगेगा. प्रशिक्षित महिलाएं कंबल बनायेंगी. राज्य में लाह और तसर का उत्पादन देश के कुल उत्पादन का 62 प्रतिशत है. महिलाएं चूड़ी औैर साड़ी बनायेंगी. इस मद में सात सौ करोड़ दिया गया है. बहरागोड़ा में पेपर मिल लगेगा. यहां उत्पादित बांस का उचित दाम मिलेगा. बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा.
उक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कही. बुधवार को वे बहरागोड़ा के कोषाफालिया में ऑल इंडिया सरना धर्म चेमेद आसड़ा के तहत सरना धर्म के धर्म गुरू बनाव मुर्मू और पंडित रघुनाथ मुर्मू की जयंती के अवसर पर पंडित मुर्मू की मूर्ति के अनावरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि झारखंड महाराष्ट्र और गुजरात बनेगा. मुख्यमंत्री ने कोषाफालिया में पंडित मुर्मू की मूर्ति स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए मुख्यमंत्री निधि से तीन लाख राशि देने की घोषणा की.
इससे पहले मुख्यमंत्री रघुवर दास, सांसद विद्युत वरण महतो और विधायक लक्ष्मण टुडू ने ओलचिकी के संस्थापक पंडित रघुनाथ मुर्मू की मूर्ति का अनावरण किया. मुख्यमंत्री ने आसड़ा के कार्यालय टू का उदघाटन फीता काट कर किया. इसके पूर्व मुख्यमंत्री और अतिथियों ने पूजा स्थल पर पूजा की. हेलीपैड के पास सांसद विद्युत वरण महतो, उपायुक्त अमित कुमार, एसएसपी अनुप टी मैथ्यू, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिनेशानंद गोस्वामी, भाजपा जिलाध्यक्ष सरोज महापात्रा, समीर महंती, जिप सदस्य जगन्नाथ महतो आदि ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया.
जाहेर थानों का होगा सौंदर्यीकरण : मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दो वर्ष में सरकार राज्य के जाहेर थानों और सरना स्थलों का सौंदर्यीकरण करायेगी. इसके लिए प्राथमिकता के आधार पर सूची बना कर उपलब्ध करायें. सौंदर्यीकरण की राशि जाहेर थान के पुजारी को दी जायेगी.
भाजपा ने किसकी जमीन छिनी:
सीेएम ने कहा कि झारखंड नामधारी दलों के नेता और कुछ संस्थाएं यह कह कर आदिवासियों को गुमराह कर रही हैं कि भाजपा जमीन छिन लेगी. मगर यह बतायें कि तीन साल में भाजपा ने किस आदिवासी की जमीन छिन ली है. ऐसे तत्वों को पहचानें. ऐसे तत्व विकास की बात नहीं करते हैं. ऐसे लोग चाहते हैं कि आदिवासी गरीब रहें..
गरीबी को दूर करना मेरा संकल्प
सीएम ने कहा कि मैं मेवा खाने नहीं सेवा करने आया हूं. एक गरीब मजदूर का बेटा हूं. गरीबी को दूर करना मेरा और सरकार का संकल्प है. समाज के अंतिम चेहरे तक विकास पहंुचे. सभी भूमिहीनों और आवास विहीन लोगों की सूची बन गयी है. सभी को रोजगार मिलेगा.
समारोह में उपस्थित थे:समारोह में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिनेशानंद गोस्वामी, जिलाध्यक्ष सरोज महापात्रा, 20 सूत्री के जिला उपाध्यक्ष दिनेश साव, पुजारी चारू चंद्र टुडू,
प्रभात मांडी, कुशल सोरेन, संस्था के अध्यक्ष हेमू मुर्मू, बासुदेव किस्कू, माझु राम सोरेन, मान सिंह मुर्मू, सुकलाल सोरेन, रायमनी हेंब्रम, रामू हेंब्रम, पर्वत मांडी, कुशल सोरेन, लीटा मुर्मू, भाजपा नेता समीर महंती, जिप सदस्य जगन्नाथ महतो, सुशील शर्मा, चंडी चरण साव, बाप्तु साव, गौरी शंकर महतो, मुना पाल, संजय प्रहराज, शतदल महतो, विभाष दास, तपन ओझा उपस्थित थे.
सरना कोड की मांग संसद में उठाउंगा: सांसद
सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि आदिवासियों की सामाजिक संरचना मजबूत है. ओलचिकी भाषा देश में कोने-कोने में बोली जाती है. प्राथमिक विद्यालयों में ओलचिकी की पढ़ाई अनिवार्य हो. शिक्षकों की बहाली हो. स्टेशनों के नाम ओलचिकी में लिखे जायें. उन्होंने कहा कि संसद के अगले सत्र में सरना कोड की मांग उठाउंगा. उन्होंने सीएम से आग्रह किया कि एनएच 33 से पथरा सड़क बनायी जाये. बालीजुड़ी में सुवर्णरेखा नदी पर एक पुल बने.
सरना धर्म देश की जरूरत: लक्ष्मण टुडू
घाटशिला के विधायक लक्ष्मण टुडू ने कहा कि आदिवासी समाज न्याय के प्रतिक हैं. आदिवासी सिर्फ मानव के बारे में ही नहीं प्रकृति की रक्षा के बारे में भी सोचते हैं. नारी की कद्र करते हैं. इसलिए आदिवासी समाज में दहेज प्रथा नहीं है.आदिवासी समाज में दहेज के लिए बेटियां जलायी नहीं जाती हैं. कुछ देकर बेटियां लायी जाती हैं. आदिवासी समाज से विश्व मानव धर्म का पाठ पढ़े. उन्होंने कहा कि राम राज्य के लिए आदिवासियों को पहचानें. सरना धर्म की देश को जरूरत है.
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