यूनियन की शिकायत पर एएलसी ने मार्च से भुगतान का दिया था आदेश
मुसाबनी : सहायक श्रमायुक्त के आदेश के बाद भी आइआरएल के कामगारों को मार्च का वेतन संशोधित दर पर नहीं मिला है. आइआरएल प्रबंधन ने एएलसी के आदेश के बावजूद सात अप्रैल की शाम कामगारों के बैंक खाते में पुराने दर मार्च का वेतन भेज दिया. इस संबंध में आइआरएल प्रबंधन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हुआ. एएलसी चाईबासा ने आइआरएल प्रबंधन को पत्र के माध्यम से 19 जनवरी 2017 से केंद्र सरकार की ओर से न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी की थी.
मुसाबनी माइंस इंप्लाइज यूनियन ने एएलसी को पत्र लिख कर आइआरएल के मजदूरों को केंद्र सरकार की ओर से संशोधित न्यूनतम मजदूरी का भुगतान नहीं किए जाने की शिकायत की थी. एएलसी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए आइआरएल प्रबंधन को पत्र देकर मार्च का वेतन संशोधित दर पर भुगतान करने और 19 जनवरी 17 से प्रभावी करने का आदेश दिया था. एएलसी ने अपने आदेश में आइआरएल के सभी मजदूरों, ठेका श्रमिकों को सरकार की ओर से निर्धारित संशोधित न्यूनतम मजदूरी का भुगतान करने व इसके क्रियान्वयन की सूचना उनके कार्यालय को देने का निर्देश दिया था. मान्यता प्राप्त यूनियन ने एएलसी को मेल कर निर्देश का अनुपालन नहीं होने की सूचना दी है. मुसाबनी माइंस इंप्लाइज यूनियन के संयुक्त सचिव राजेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि मजदूरों को संशोधित न्यूनतम मजदूरी का भुगतान नहीं होने की जानकारी सोमवार को एएलसी को देंगे.
