घाटशिला/कोलकाता : बाघुड़िया में सांसद सुनील महतो हत्याकांड का प्रमुख शूटर रंजीत पाल उर्फ तरित उर्फ राहुल ने अपनी पत्नी व अयोध्या हिल्स की एरिया कमांडर झरना गिरि उर्फ अनीता पाल के साथ बुधवार को कोलकाता पुलिस व स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के सामने सरेंडर कर दिया. सीआइडी मुख्यालय में डीजीपी सुरजीत कर पुरकायस्थ, एडीजी सीआइडी राजेश कुमार, एडीजी कानून व्यवस्था अनुज शर्मा, कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार और डीसी एसटीएफ मुरलीधर शर्मा की मौजूदगी में माओवादी दंपती ने एसएलआर हथियार सौंप दिये. नक्सली रंजीत पाल बंगाल-झारखंड-ओड़िशा सीमा क्षेत्र में सक्रिय था़ रंजीत पर झारखंड पुलिस ने 25 लाख व सीबीआइ ने 10 लाख का इनाम रखा था.
राहुल को पुलिस सरगर्मी से तलाश रही थी. वह हर बार पुलिस को चकमा देकर निकल जाता था.
कौन है रंजीत पाल : पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिला के बारीकुल थानांतर्गत खेजुरखन्ना गांव निवासी राहुल का मुख्य ठिकाना घाटशिला और उससे सटे पटमदा व एमजीएम और पश्चिम बंगाल के बेलपहाड़ी व भांदवान थाना क्षेत्र था. इस क्षेत्र में राहुल के आतंक का खौफ इस कदर था कि संगठन के लिए वह मुख्य कर्ता-धर्ता बन गया था. संवेदकों से लेवी वसूलने का
माओवादी रंजीत पाल…
काम राहुल ही करता था. वह संगठन के पीएलजीए (मारक दस्ता) का प्रमुख था. रंजीत पाल ने पश्चिम बंगाल में माओवादी जोनल कमेटी के प्रमुख नेता कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी के साथ काफी दिनों तक काम किया था. वर्ष 2011 में किशनजी के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से माओवादियों के भविष्य के कार्यकलाप का सारा दायित्व रंजीत पर आ गया था. इसके बाद से वह पुलिस की वांटेड सूची में शामिल था़
सांसद सुनील महतो हत्याकांड का प्रमुख शूटर है रंजीत पाल उर्फ तरित उर्फ राहुल
घाटशिला के बाघुड़िया में 04 मार्च 2007 को की थी सांसद सुनील महतो की हत्या
घाटशिला, गालूडीह, पटमदा व बोड़ाम क्षेत्र के थानों में दर्ज हैं कुल 16 मामले
बंगाल-झारखंड-ओड़िशा बॉर्डर क्षेत्र में संगठन के कमांडर के रूप में था सक्रिय
पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले का निवासी है राहुल
िकशनजी का रह चुका है सहयोगी : रंजीत पाल पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले का निवासी है. राज्य में माओवादी जोनल कमेटी के प्रमुख नेता कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी के साथ काफी दिनों तक मिलकर रंजीत ने काम किया था. वर्ष 2011 में किशनजी के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से माओवादियों के भविष्य के कार्यकलाप का सारा दायित्व रंजीत पर आ गया था. इसके बाद से वह पुलिस की वांटेड सूची में शामिल था.
जल्द रिमांड पर लेगी पूर्वी सिंहभूम पुलिस
पूर्वी सिंहभूम जिले के एसएसपी अनूप टी मैथ्यू ने कहा कि राहुल पाल का सरेंडर करना जिला पुलिस के लिए बहुत बड़ी सफलता है. पुलिस के लगातार दबाव ने उसे सरेंडर पर मजबूर कर दिया. राहुल को जिला पुलिस बहुत जल्द रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी और सासंद हत्याकांड़ में पर्दे के पीछे के राज की जानकारी लेगी.
मैं उनसे क्षमा मांगता हूं, जिन्हें नुकसान पहुंचाया : राहुल पाल
सरेंडर करने के बाद रंजीत पाल ने कहा कि 17 वर्ष पहले जिन मांगों को लेकर मैंने हथियार उठाया था, राज्य में ममता बनर्जी की सरकार के आने के बाद उनमें से अधिकतर मांगें पूरी हो गयीं. सरकार ने गरीबों व पिछड़ों के हित के लिए दर्जनों विकास मूलक कार्य शुरू किये हैं और वह लगातार इसमें सफल हो रही है. इस कारण उसने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया. पाल ने कहा : मैं उन लोगों से नतमस्तक होकर क्षमा मांगता हूं, जिन्हें 17 वर्षों से मैंने नुकसान पहुंचाया है. अब मैं लोगों के हित के लिए कार्य करूंगा. मौके पर झरना गिरि ने कहा : नंदीग्राम आंदोलन के समय मैं इस दल से जुड़ी थी. अब पति की शक्ति बन कर आगे लोगों की सेवा करना और परिवार के साथ रहना चाहती हूं. इस मौके पर डीजीपी सुरजीत कर पुरकायस्थ ने कहा कि रंजीत पाल की गिरफ्तारी उन माओवादियों के लिए एक संदेश है, जो हिंसा के रास्ते पर हैं. हिंसा से किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता.