किसान अर्थव्यवस्था की रीढ़ दारीसाई. मृदा दिवस पर 200 किसानों को मिला स्वायल हेल्थ कार्ड

Published at :06 Dec 2016 5:17 AM (IST)
विज्ञापन
किसान अर्थव्यवस्था की रीढ़ दारीसाई. मृदा दिवस पर 200 किसानों को मिला स्वायल हेल्थ कार्ड

गालूडीह : दारीसाई कृषि विज्ञान केंद्र में सोमवार को विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस मनाया गया. मुख्य अतिथि विधायक लक्ष्मण टुडू, विशिष्ट अतिथि पूर्वी सिंहभूम के जिला कृषि पदाधिकारी कालीपद महतो, नवार्ड के डीडीएम सिद्धार्थ शंकर ने 200 किसानों के बीच स्वायल हेल्थ कार्ड वितरण किया. इसके पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन […]

विज्ञापन

गालूडीह : दारीसाई कृषि विज्ञान केंद्र में सोमवार को विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस मनाया गया. मुख्य अतिथि विधायक लक्ष्मण टुडू, विशिष्ट अतिथि पूर्वी सिंहभूम के जिला कृषि पदाधिकारी कालीपद महतो, नवार्ड के डीडीएम सिद्धार्थ शंकर ने 200 किसानों के बीच स्वायल हेल्थ कार्ड वितरण किया. इसके पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया.

विधायक ने कहा कि किसान देश और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. मिट्टी को स्वस्थ रखने और उर्वरा शक्ति बरकरार रखने के लिए किसानों को जागरूक होना होगा. देश की 80 प्रतिशत लोग गांवों

में रहते हैं. जनसंख्या बढ़ रही है. जमीन जितनी थी, उतनी ही है. उपजाऊ जमीन घटती जा रही है. कम जमीन में उत्पादन बढ़ाना होगा. देश की आवश्यकता की पूर्ति किसान करते हैं. राज्य सरकार ने कृषि पर अलग से बजट बनाया है, ताकि राज्य में कृषि और किसान का विकास हो. समारोह के पूर्व केबीकी के कार्यक्रम समन्वयक डॉ आरती वीणा एक्का ने विधायक को शॉल ओढ़ा कर और पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया. समारोह का
संचालन कृषि वैज्ञानिक डॉ रवींद्र मोहन मिश्रा ने किया. समारोह में कृषि वैज्ञानिक डॉ देवाशीष महतो, डॉ डी रजक, गोदरा मार्डी, अंजली मिश्रा, भाजपा नेता हाराधन सिंह, राजाराम महतो, चंदन गिरी, जुझार सोरेन, बीटीएम, एटीएम समेत सैकड़ों किसान उपस्थित थे.
जिले में 93 प्रतिशत खेतीहर भूमि अम्लीय : डॉ आरती वीणा
केबीके की कार्यक्रम समन्वयक आरती वीणा एक्का ने समारोह में कहा कि जिले में 93 प्रतिशत खेतीहर भूमि अम्लीय है. इसके कारण उत्पादन और उत्पादक दोनों पर असर पढ़ रहा है. किसान बूझा हुआ चूना खेतों में डाले तो इससे अम्लियता कम होगी. जिले की मिट्टी में 48 प्रतिशत सल्फर की कमी है. बोरान की भी कमी है. मिट्टी में 88 प्रतिशत आयरन, 77 प्रतिशत कॉपर और 88 प्रतिशत जीन है. अम्लियता अधिक होने से उत्पादन घट रही है. इसे दूर करना जरूरी है.
पोषक तत्वों को बरकरार रखने के लिए मिट्टी जांच जरूरी : डीएओ
स्वायल हेल्थ कार्ड बांटते विधायक.
समारोह में उपस्थित कृषि वैज्ञानिक व किसान.
जिला कृषि पदाधिकारी कालीपद महतो ने समारोह में कहा कि पोषक तत्वों को बरकरार रखने के लिए मिट्टी जांच जरूरी है. किसान खेत से मिट्टी का सैंपल लेकर आयें और जांच करायें उन्हें 12 रुपये प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी. मिट्टी जांच से यह पता चलेगा की मिट्टी अम्लीय है या नहीं. दारीसाई में बालीगुमा में मिट्टी जांच के लिए किसान सैंपल जमा कर सकते हैं. रासायनिक पदार्थों से उर्वरा शक्ति घट रही. खराब मिट्टी में फसल लेने से उत्पादन में दिनों-दिन कमी आयेगी. लागत के अनुपात में मुनाफा नहीं होगा. नवार्ड के डीडीएम सिद्धार्थ शंकर ने कहा कि जमीन हमारी जननी है. इसकी रक्षा के बगैर हम आगे बढ़ नहीं सकते.
दो माह से नहीं मिला अनाज बीडीओ से की शिकायत
बीडीओ को ज्ञापन देते ग्रामीण.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola