35 किलो चावल से नहीं सुधरेगी सबरों की दशा

Published at :20 Dec 2013 4:32 AM (IST)
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35 किलो चावल से नहीं सुधरेगी सबरों की दशा

घाटशिला : घाटशिला प्रखंड की कालचिती पंचायत के रामचंद्रपुर सबर कॉलोनी निवासी अर्जुन सबर ने कहा कि मुफ्त में 35 किलो चावल देने से सबरों की दशा नहीं सुधरेगी. उन्होंने कहा कि सबर पुरुष और महिलाओं को रोजगार की जरूरत है. सरकार रोजगार देने की दिशा में पहल करे तो निश्चित रूप से सबरों में […]

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घाटशिला : घाटशिला प्रखंड की कालचिती पंचायत के रामचंद्रपुर सबर कॉलोनी निवासी अर्जुन सबर ने कहा कि मुफ्त में 35 किलो चावल देने से सबरों की दशा नहीं सुधरेगी. उन्होंने कहा कि सबर पुरुष और महिलाओं को रोजगार की जरूरत है. सरकार रोजगार देने की दिशा में पहल करे तो निश्चित रूप से सबरों में बदलाव आयेगा. उन्होंने कहा कि मनरेगा में सबर क्यों काम करें.

उनसे काम करा कर कई माह बाद मजदूरी का भुगतान किया जाता है. उन्होंने कहा कि सबरों का एक ही रोजगार बच गया है जंगल से लकड़ी चुनना और उसे बाजार में बेच कर पैसा कमाना.

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