12 वर्ष से वेतन नहीं, इलाज के अभाव में पूर्व शिक्षक की मौत

Published at :02 Jan 2015 11:30 AM (IST)
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12 वर्ष से वेतन नहीं, इलाज के अभाव में पूर्व शिक्षक की मौत

मुसाबनी : पिछले बारह वषों से आइसीसी के कमेटी संचालित छह स्कूलों के करीब एक सौ शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मियों को वेतन भुगतान बंद है. मुसाबनी माइंस मवि के पूर्व ऊदरू शिक्षक मो हुसैन (65) की वेतन के अभाव में उचित इलाज नहीं होने से मौत हो गयी. इसके पूर्व भी कई शिक्षक अभावों के बीच मारे […]

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मुसाबनी : पिछले बारह वषों से आइसीसी के कमेटी संचालित छह स्कूलों के करीब एक सौ शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मियों को वेतन भुगतान बंद है. मुसाबनी माइंस मवि के पूर्व ऊदरू शिक्षक मो हुसैन (65) की वेतन के अभाव में उचित इलाज नहीं होने से मौत हो गयी. इसके पूर्व भी कई शिक्षक अभावों के बीच मारे गये हैं.
कंपनी प्रबंधन ने खदानों की बंदी के बाद वेतन भुगतान बंद कर दिया है. इससे कमेटी संचालित मुसाबनी तथा मऊभंडार के छह स्कूलों के शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी आर्थिक बदहाली में जीवन बीता रहे हैं. 12 वषों से बिना वेतन के मो हुसैन का परिवार आर्थिक परेशानी ङोल रहा है. ऐसे में बीमार हुसैन का इलाज नहीं हो पाया. स्व हुसैन के परिवार में पत्नी के अलावे चार अविवाहित बेटी एवं एक बेटा है. वेतन के अभाव में बच्चों की पढ़ाई छूट गयी. अब तक वेतन के अभाव के बीच इन स्कूलों के 14 शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की मौत हो चुकी है.
आइसीसी मवि के मऊभंडार के रात्रि प्रहरी रामपति शर्मा की 18 नवंबर 14 को मौत हो गयी. मुसाबनी माइंस मवि के मणी जरद, खलील अहमद, एसजी वासन, जयवंती करकेटा, बलराम दत्ता, मऊभंडार स्कूल के बीसी चाना, एस चंद्रा, पंचानन पाल, केएम डॉन, बाघराय मार्डी की मौत बिना वेतन के इलाज के अभाव में हो गयी. शिक्षा का अलख जगाने वालों के परिवार प्रबंधन की असंवेदनशीलता के शिकार हो रहे हैं.
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