बिजली कर्मियों से 2 हजार रुपये मांगना पड़ा भारी, पिता-पुत्र दोषी करार ; कोर्ट ने चेतावनी देकर छोड़ा
दुमका कोर्ट ने बिजली कर्मियों से 2,000 रुपये मांगने और मारपीट करने के मामले में दो लोगों को दोषी पाया, चेतावनी देकर रिहा किया.
दुमका : विद्युत विभाग के कर्मियों से 2,000 रुपये की मांग करने, मारपीट, गाली-गलौज एवं सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अनूप तिर्की की अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया. अदालत ने मो. असलम, पिता रहीम एवं उसके पुत्र मो. अफरोज, दोनों निवासी एसएस विद्या विहार, दुधानी आजाद नगर, दुमका को दोषी पाया. हालांकि, न्यायालय ने दोनों को प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट की धारा 3 का लाभ देते हुए भविष्य में अपराध नहीं करने की चेतावनी देकर रिहा करने का आदेश दिया.
विद्युत कर्मियों से मांगे थे 2 हजार रुपये
मामला दुमका टाउन थाना कांड संख्या 217/2019 से संबंधित है. अभियोजन के अनुसार 4 अक्टूबर 2019 को दुधानी बजरंगबली मंदिर के पास विद्युत विभाग के कर्मी रिंग फीडर बंद कराने एवं सेपरेटर लगाने का कार्य कर रहे थे. इसी दौरान मो. असलम एवं मो. अफरोज वहां पहुंचे और विद्युत कर्मियों से 2,000 रुपये की मांग करने लगे. विरोध करने पर दोनों ने कर्मियों के साथ गाली-गलौज एवं मारपीट की तथा सरकारी कार्य में बाधा डाली.
चार गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर फैसला
मामले में 341, 323, 385, 387, 353 एवं 504/34 आइपीसी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. पुलिस ने अनुसंधान के बाद दोनों आरोपियों के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल किया. सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सूचक गोपाल प्रसाद मयूरी समेत चार गवाहों का परीक्षण कराया गया. आरोपियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया. उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोनों को दोषी पाया.
प्रोबेशन एक्ट का लाभ, अपराध न दोहराने की चेतावनी
दोषी करार दिये जाने के बाद न्यायालय ने दोनों को प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट की धारा 3 का लाभ दिया. अदालत ने भविष्य में किसी तरह का अपराध नहीं करने की चेतावनी देते हुए दोनों को रिहा करने का आदेश दिया.
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