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अनाथ तीन बच्चों ने जिला प्रशासन ने लगायी सहायता की गुहार

Updated at : 05 Sep 2025 11:49 PM (IST)
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अनाथ तीन बच्चों ने जिला प्रशासन ने लगायी सहायता की गुहार

जरमुंडी थाना क्षेत्र के आदिवासी बहुल बेदिया गांव निवासी 12 वर्षीय सोनामुनि मरांडी, 8 वर्षीय राकेश मरांडी एवं 7 वर्षीय साइमन मरांडी अनाथ हो गए हैं. बच्चों के माता-पिता की वर्ष 2023 में निधन हो चुका है. तीनों बच्चे प्रशासन से शिक्षा और आवास के लिए मदद की मांग कर रहे हैं.

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बासुकिनाथ. जरमुंडी थाना क्षेत्र के आदिवासी बहुल बेदिया गांव निवासी 12 वर्षीय सोनामुनि मरांडी, 8 वर्षीय राकेश मरांडी एवं 7 वर्षीय साइमन मरांडी अनाथ हो गए हैं. बच्चों के माता-पिता की वर्ष 2023 में निधन हो चुका है. तीनों बच्चे प्रशासन से शिक्षा और आवास के लिए मदद की मांग कर रहे हैं. बच्चों ने अपने फूफा शिवलाल हेंब्रम के साथ जरमुंडी थाना पहुंचकर थाना के पुलिस निरीक्षक श्यामानंद मंडल से सहायता की गुहार लगायी. सोनामुनि, राकेश और साइमन के पिता लुखिराम मरांडी और माता बिटिया टुडू की वर्ष 2023 में मौत हो चुकी है. माता-पिता के अंतिम संस्कार के बाद बच्चों के भरण-पोषण में असमर्थ उनके दादा किस्टू मरांडी ने बच्चों को रखने में असमर्थता जतायी. इसके बाद ग्राम प्रधान देवीलाल मरांडी और मुखिया शिवलाल किस्कू के नेतृत्व में ग्रामीणों की बैठक हुई. बैठक में तय किया गया कि बच्चों के फूफा शिवलाल हेंब्रम और फुआ पाकू मरांडी बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी संभालेंगे. इसके एवज में दादा किस्टू मरांडी ने प्रारंभ में प्रति माह 6,000 रुपये देने का वादा किया. हालांकि, बच्चों के दादा चाहते हैं कि तीनों बच्चे उनके पास रहें, लेकिन बच्चे फूफा के अलावा दादा के पास नहीं जाना चाहते. शिवलाल हेंब्रम ने बताया कि शुरुआती दो महीने तक दादा ने मासिक 6,000 रुपये दिए, लेकिन बाद में आर्थिक असमर्थता के कारण भुगतान बंद कर दिया. हेंब्रम ने अपनी दयनीय आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि वह बिना आर्थिक मदद के इन बच्चों को रखना असंभव है. गुरुवार को शिवलाल हेंब्रम ने बच्चों को जरमुंडी थाना के पुलिस निरीक्षक श्यामानंद मंडल से मिलाया और बच्चों के आश्रय, आवास और शिक्षा की व्यवस्था करने की मांग की. परिजनों ने बताया कि अनाथ होने के कारण बच्चों के मानव तस्करी का शिकार होने का डर है, क्योंकि मानव तस्कर कम उम्र के बच्चों को फुसला कर दूसरे राज्य ले जाते हैं. इसलिए प्रशासन से बच्चों की अच्छी परवरिश हेतु मदद की गुहार लगाई गई.

बाल कल्याण समिति की कार्रवाई

पुलिस निरीक्षक श्यामानंद मंडल ने बताया कि बाल कल्याण समिति को इसकी जानकारी दी गयी है. अगले एक-दो दिन में, सोमवार को बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के बाद उन्हें तुरंत आश्रय गृह भेजा जायेगा. साथ ही, बच्चों की पढ़ाई के लिए उन्हें आवासीय विद्यालय में नामांकन कराया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAKESH KUMAR

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