रानीबहाल प्लस टू हाईस्कूल में शिक्षकों की भारी कमी, 519 छात्रों की पढ़ाई महज 5 शिक्षकों के भरोसे

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प्लस टू हाईस्कूल रानीबहाल | Prabhat Khabar Network

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रानीबहाल प्लस टू हाईस्कूल में शिक्षकों की भारी कमी है। मात्र पांच शिक्षकों के भरोसे 519 छात्र पढ़ाई करने को मजबूर हैं। जानें क्या है पूरी समस्या।

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रानीश्वर: सदर प्रखंड के राजकीयकृत प्लस टू हाईस्कूल रानीबहाल में शिक्षकों की भारी कमी के बीच कक्षा नवम से 12वीं तक के 519 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई चल रही है. हाईस्कूल के लिए विषयवार 10 शिक्षकों और एक प्रधानाध्यापक का पद सृजित है, लेकिन वर्तमान में सात शिक्षक पदस्थापित हैं. इनमें से दो शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर हैं. ऐसे में विद्यालय में कार्यरत महज पांच शिक्षकों के भरोसे पठन-पाठन संचालित हो रहा है.

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विद्यालय में कक्षा नवम में 190, दशम में 167, 11वीं में 86 और 12वीं में 76 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं. वर्तमान में गणित, बांग्ला, हिंदी, भूगोल और इतिहास विषय के शिक्षक विद्यालय में कार्यरत हैं. वहीं विज्ञान और अंग्रेजी विषय के शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर हैं. शिक्षकों की कमी का सीधा असर पठन-पाठन पर पड़ रहा है.

प्लस टू में एक भी शिक्षक पदस्थापित नहीं

रानीबहाल हाईस्कूल की स्थापना वर्ष 1957 में हुई थी. वर्ष 2024 में इसे प्लस टू हाईस्कूल में उत्क्रमित किया गया. इसके बावजूद प्लस टू कक्षाओं के लिए अब तक एक भी शिक्षक की पदस्थापना नहीं की गयी है. विद्यालय में प्लस टू स्तर पर विज्ञान और कला संकाय की पढ़ाई संचालित हो रही है. लेकिन शिक्षकों की उपलब्धता नहीं होने के कारण पहले से कार्यरत शिक्षकों के भरोसे ही कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है. प्लस टू के लिए कितने शिक्षकों के पद सृजित किये गये हैं, यह भी स्पष्ट नहीं है.

किरानी का पद भी रिक्त

विद्यालय में किरानी का पद भी लंबे समय से रिक्त है. इसके कारण शिक्षकों को पठन-पाठन के साथ-साथ कार्यालय से जुड़े किरानी के कार्य भी संभालने पड़ रहे हैं. शिक्षकों की कमी के बीच अतिरिक्त प्रशासनिक जिम्मेदारी से विद्यालय की व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है.

प्लस टू में उत्क्रमण के बाद संसाधनों की भी कमी

विद्यालय को प्लस टू में उत्क्रमित किये जाने के बाद विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त बेंच-डेस्क आदि की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गयी है. विद्यालय प्रबंधन के अनुसार हाईस्कूल स्तर पर ही शिक्षकों की कमी है और प्लस टू कक्षाओं के लिए अब तक शिक्षक पदस्थापित नहीं किये गये हैं. ऐसे में सीमित संसाधनों में ही विद्यार्थियों की पढ़ाई करायी जा रही है.

प्रभारी प्रधानाध्यापक सुमन कुमार दत्त ने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी है. हाईस्कूल के लिए उपलब्ध पांच शिक्षकों के माध्यम से कक्षा नवम से 12वीं तक का संचालन किया जा रहा है. प्लस टू के लिए शिक्षक पदस्थापित होने तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधा मिल सकेगी.


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