दुमका के सिदो-कान्हू स्कूल में विश्व आदिवासी दिवस की धूम, पारंपरिक नृत्य-गीतों ने मोहा मन

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कार्यक्रम का उदघाटन करते अतिथि एवं समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुति देते छात्र-छात्राएं | Prabhat Khabar Network

दुमका के सिदो-कान्हू उच्च विद्यालय में विश्व आदिवासी दिवस पर छात्रों ने लोकनृत्य और संगीत के जरिए आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का शानदार प्रदर्शन किया।

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दुमका: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर शनिवार को सिदो-कान्हू उच्च विद्यालय, दुमका में आदिवासी संस्कृति, परंपरा और विरासत को समर्पित विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों ने पारंपरिक आदिवासी नृत्य, लोकगीत और संगीत की आकर्षक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया.

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वार्ड पार्षद सोनी हेंब्रम और दुमका सदर की पूर्व प्रमुख सुजाता देवी उपस्थित रहीं. विद्यालय की निर्देशिका सुनीता मुखर्जी और रूशाली मुखर्जी ने अतिथियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया. विद्यार्थियों ने प्रस्तुतियों के माध्यम से आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, प्रकृति प्रेम और सामुदायिक जीवन की झलक पेश की.

मुख्य अतिथि सोनी हेंब्रम ने कहा कि आधुनिकीकरण के कारण कई पारंपरिक रीति-रिवाज और सांस्कृतिक परंपराएं धीरे-धीरे विलुप्त हो रही हैं. इसलिए भाषा, लोककला, परंपरा और विरासत का संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है.

विद्यालय के सचिव प्रदीप्त मुखर्जी ने आदिवासी संस्कृति को भारतीय सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए विद्यार्थियों से अपनी जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया. प्राचार्य देवप्रिय मुखर्जी ने कहा कि आदिवासी संस्कृति प्रकृति, समानता, सहयोग और सामुदायिक भावना पर आधारित है. उन्होंने विद्यार्थियों से सांस्कृतिक विरासत को अपनाते हुए आधुनिक शिक्षा और तकनीक के साथ आगे बढ़ने की अपील की.


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