सावन में बासुकिनाथ धाम में शिव-शक्ति का संगम, दशमहाविद्या की आराधना में जुटे श्रद्धालु

Updated:
विज्ञापन

बासुकिनाथ मंदिर में माता बगलामुखी एवं माता काली की भव्य मूर्ति | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

सावन के पावन अवसर पर बासुकिनाथ धाम में बाबा फौजदारीनाथ के साथ दशमहाविद्या देवी की आराधना से भक्तों को मिल रही है विशेष आध्यात्मिक शांति और आत्मबल।

विज्ञापन

बासुकिनाथ: श्रावणी मास में बासुकिनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं की आध्यात्मिक यात्रा बाबा फौजदारीनाथ के जलाभिषेक के साथ-साथ दशमहाविद्या देवी की आराधना से भी पूर्ण हो रही है. सावन के पावन अवसर पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु बासुकिनाथ पहुंचकर बाबा फौजदारीनाथ पर जलार्पण कर रहे हैं. इसके साथ ही मंदिर परिसर में शक्ति स्वरूपा दशमहाविद्या के विभिन्न स्वरूपों के प्रति श्रद्धा और भक्ति अर्पित कर रहे हैं.

विज्ञापन

दशमहाविद्या के दस स्वरूपों की हो रही आराधना

सनातन धर्म की आध्यात्मिक परंपरा में दशमहाविद्या को आदिशक्ति के दस दिव्य स्वरूपों के रूप में प्रतिष्ठित माना गया है. काली, तारा, त्रिपुरसुंदरी, भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला के रूप में शक्ति की आराधना साधक के जीवन में आत्मबल, ज्ञान, विवेक और आध्यात्मिक चेतना जागृत करने वाली मानी जाती है.

भक्त देवी के समक्ष दीप, पुष्प, अक्षत और नैवेद्य अर्पित कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना कर रहे हैं. सावन में बाबा के दर्शन के साथ दशमहाविद्या की आराधना श्रद्धालुओं के लिए भक्ति का ऐसा अनुभव बन रही है, जिसमें शिव और शक्ति दोनों के प्रति आस्था दिखाई दे रही है.

बाबा के दरबार में शिव आराधना और शक्ति उपासना का संगम

बाबा फौजदारीनाथ के दरबार में शिव आराधना और शक्ति उपासना का यह संगम भक्तों को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान कर रहा है. धार्मिक मान्यता के अनुसार शिव और शक्ति एक-दूसरे के पूरक हैं. शिव चेतना के प्रतीक हैं, जबकि शक्ति उसी चेतना की ऊर्जा मानी जाती है. इसलिए शिव की आराधना के साथ शक्ति की उपासना को आध्यात्मिक साधना की पूर्णता से जोड़कर देखा जाता है.

हर-हर महादेव के जयघोष से भक्तिमय हुआ मंदिर परिसर

श्रावणी मास में मंदिर परिसर में सुबह से ही पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है. दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु बाबा फौजदारीनाथ पर जलार्पण के बाद दशमहाविद्या देवी का दर्शन कर अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं.

भक्तों का विश्वास है कि सच्ची श्रद्धा, संयम और निर्मल भाव से की गई शिव-शक्ति आराधना जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति प्रदान करती है. इसी विश्वास के साथ श्रद्धालु बाबा फौजदारीनाथ और दशमहाविद्या देवी के समक्ष परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना कर रहे हैं. सावन के दौरान बासुकिनाथ धाम में शिव और शक्ति की यह संयुक्त आराधना श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आध्यात्मिक अनुभूति का महत्वपूर्ण केंद्र बनी हुई है.


आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola