माफियों से बचाओं हमारी सांस! नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से पेड़ कटाई का खेल

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ट्रक पर लोड करते लकड़ी . | Prabhat Khabar Network

रानीश्वर में हरे-भरे पेड़ों की कथित अंधाधुंध कटायी का मामला सामने आया है. नियमों को ताक पर रखकर हो रहा कारोबार, ग्रामीणों ने उठाई आवाज.

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रानीश्वर. क्षेत्र में हरे-भरे जीवित पेड़ों की कथित अंधाधुंध कटाई का मामला सामने आया है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पश्चिम बंगाल के लकड़ी कारोबारी जमीन मालिकों से संपर्क कर जमाबंदी जमीन पर लगे पेड़ों की कटाई करा रहे हैं. इसके बाद लकड़ियों को ट्रकों में लोड कर दिगुली जांच चौकी के रास्ते पश्चिम बंगाल भेजा जा रहा है. ग्रामीणों के अनुसार, वहां इन लकड़ियों को ऊंची कीमत पर बेचने का कारोबार किया जा रहा है.

जांच चौकियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों के मुताबिक, दिगुली में झारखंड और पश्चिम बंगाल की अलग-अलग जांच चौकियां मौजूद हैं. इसके बावजूद लकड़ी से लदे ट्रकों के आसानी से सीमा पार करने की शिकायत सामने आ रही है. ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि कुछ ट्रकों में निर्धारित सीमा से अधिक लकड़ी लदी होने के बावजूद उनकी जांच प्रभावी तरीके से नहीं हो रही है. ऐसे में दोनों राज्यों की जांच व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर सवाल उठ रहे हैं.

ट्रक पर लोड करते लकड़ी व काटे गए जंगल | Prabhat Khabar Network
कटायी के बाद जमा किये गये लकड़ी | Prabhat Khabar Network

परमिट की शर्तों और वन नियमों के उल्लंघन की आशंका

रानीश्वर प्रखंड के विभिन्न मौजों में जमाबंदी जमीन पर सामाजिक वानिकी के तहत सोनाझुरी समेत अन्य पेड़ लगाये गये हैं. बताया जाता है कि लकड़ी कारोबारी जमीन मालिकों से संपर्क करने के बाद अंचल कार्यालय से जमीन से संबंधित प्रतिवेदन प्राप्त करते हैं. इसके आधार पर वन विभाग से पेड़ों की कटाई के लिए परमिट लिया जाता है.

वन विभाग के एक कर्मी के अनुसार, परमिट में जितने पेड़ों की कटाई की अनुमति दी जाती है, नियमानुसार उतने ही पेड़ काटे जा सकते हैं. हालांकि, स्थानीय स्तर पर निर्धारित संख्या से अधिक पेड़ों की कटाई किये जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं. यदि शिकायत सही है, तो परमिट की शर्तों और वन नियमों के उल्लंघन की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

ट्रक पर लोड करते लकड़ी व काटे गए जंगल | Prabhat Khabar Network
काटे गये जंगल | Prabhat Khabar Network

ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की मांग की

स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि जिन स्थानों से पेड़ों की कटाई हो रही है, वहां परमिट में दर्ज पेड़ों की संख्या और वास्तविक कटाई का मिलान कराया जाना चाहिये. साथ ही लकड़ी लदे वाहनों के कागजात, भार और सीमा चौकियों पर हुई जांच की भी पड़ताल की जानी चाहिये.

ग्रामीणों ने मांग की है कि परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो तथा अवैध या निर्धारित संख्या से अधिक पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक लगायी जाये. लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका असर क्षेत्र के पर्यावरण और स्थानीय पारिस्थितिकी पर पड़ सकता है.


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साधन सेन

लेखक के बारे में

By साधन सेन

वर्ष 1999 के नवंबर महीने से प्रभात खबर अखबार में पत्रकारिता शुरू की. दुमका के रानीश्वर प्रखंड से पत्रकारिता करते हुए जनहित की खबरों को प्राथमिकता देना, हमेशा मेरा ध्येय रहा है.

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