झारखंड: सरकारी विश्वविद्यालयों के अवकाश कैलेंडर में सोहराय की छुट्टी नहीं, छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन

Updated at : 11 Jan 2024 1:04 PM (IST)
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झारखंड: सरकारी विश्वविद्यालयों के अवकाश कैलेंडर में सोहराय की छुट्टी नहीं, छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन

दुमका के सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय आदिवासी शिक्षक संघ के बैनर तले छात्र-छात्राओं के साथ-साथ शिक्षकों ने भी सोहराय की छुट्टी नहीं होने के कारण विरोध प्रदर्शन किया. आदिवासी छात्र-छात्राओं ने मुख्य गेट को जाम कर दिया. इससे वीसी समेत अन्य अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा.

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दुमका, आनंद जायसवाल: राजभवन सचिवालय से जारी सरकारी विश्वविद्यालयों के अवकाश कैलेंडर में सोहराय की छुट्टी नहीं दिए जाने से नाराज छात्र-छात्राओं ने दुमका के सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन किया गया. तालाबंदी कर अनिश्चिकालीन धरना पर आदिवासी शिक्षक और छात्र बैठ गए. सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय आदिवासी शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षक भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. बड़ी संख्या में आदिवासी छात्र-छात्राओं ने मुख्य गेट को जाम कर दिया है. लिहाजा कुलपति प्रो डॉ बिमल प्रसाद सिंह सहित अन्य अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा.

राज्यपाल ने छुट्टी कैलेंडर को दी है स्वीकृति

आपको बता दें कि झारखंड के राज्यपाल सह कुलाधिपति सीपी राधाकृष्णन ने राज्य के सभी सरकारी विश्वविद्यालय में वर्ष 2024 के लिए छुट्टी कैलेंडर पर स्वीकृति प्रदान कर दी है. राज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ नीतिन मदन कुलकर्णी ने सभी विवि को स्वीकृत कैलेंडर भेजते हुए इसका अक्षरश: पालन करने का निर्देश दिया है. राज्यपाल ने कॉलेजों व पीजी विभागों में समर वेकेशन (ग्रीष्मावकाश) 20 दिनों का दिया है, जबकि विंटर वेकेशन (शीतकालीन अवकाश) 12 दिनों का दिया है. राज्यपाल ने बिरसा कृषि विवि (बीएयू) तथा झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (जेयूटी) को राज्य सरकार के छुट्टी कैलेंडर को ही मानने का निर्देश दिया है.

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पांच दिन का प्रतिबंधित अवकाश रिजर्व

सभी विवि को पूरे वर्ष में पांच दिन का प्रतिबंधित अवकाश रिजर्व में दिया गया है, जिसका उपयोग विवि स्थानीय पर्व/परंपरागत उत्सव के लिए कर सकते हैं. 14 जनवरी को सोहराई, 24 मार्च को होलिका दहन, 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती, 21 अप्रैल को महावीर जयंती, 30 जून को हूल दिवस, सात जुलाई को रथ यात्रा और तीन नवंबर को भाई दूज/चित्रगुप्त पूजा रविवार को रहने के कारण कैलेंडर में शामिल नहीं किया गया है.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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