49.53 लाख रुपये के गबन के आरोप में शिक्षा विभाग के चार लिपिकों पर एफआईआर

Updated at : 21 May 2020 10:16 PM (IST)
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49.53 लाख रुपये के गबन के आरोप में शिक्षा विभाग के चार लिपिकों पर एफआईआर

सरकारी राशि की दुमका कोषागार से अवैध निकासी करने, सरकारी राशि का गबन करनें, भ्रष्टाचार में लिप्त रहने, फर्जीवाड़ा करने तथा आपराधिक षडयंत्र में शामिल होने का प्रशासनिक जांच में दोषी पाये जाने पर अवर प्रमंडल शिक्षा पदाधिकारी सह जरमुंडी दक्षिणी के प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी छक्कोलाल मुर्मू ने चार लिपिकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है.

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दुमका : सरकारी राशि की दुमका कोषागार से अवैध निकासी करने, सरकारी राशि का गबन करनें, भ्रष्टाचार में लिप्त रहने, फर्जीवाड़ा करने तथा आपराधिक षडयंत्र में शामिल होने का प्रशासनिक जांच में दोषी पाये जाने पर अवर प्रमंडल शिक्षा पदाधिकारी सह जरमुंडी दक्षिणी के प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी छक्कोलाल मुर्मू ने चार लिपिकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है.

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इनमें मनोज कुमार साह, तत्कालीन लिपिक प्रोजेक्ट विद्यालय काठीकुंड, संप्रति लिपिक प्लस टू नेशनल हाई स्कूल दुमका, संतोष कुमार मंडल, लिपिक प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय गोपीकांदर, शशिभूषण श्रीवास्तव, तत्कालीन प्रधान लिपिक कार्यालय जिला शिक्षा पदाधिकारी दुमका संप्रति जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय देवघर, प्रतिनियोजित क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय दुमका तथा मो इफ्तेखार, लिपिक जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय दुमका, जो वर्तमान में भ्रष्टाचार से संबंधित मामले में दुमका सेंट्रल जेल में हैं, शामिल हैं.

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राजेश्वरी बी की अध्यक्षता में दो दिन पूर्व हुई स्थापना समिति की बैठक में दिये गये निर्देश तथा क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक के आदेश पर यह प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. उल्लेखनीय है कि प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय काठीकुंड के लिपिक मनोज कुमार साह की नियुक्ति विद्यालय के प्रबंध समिति द्वारा 23-02-1989 को किया गया था, जो निर्धारित नीति के अनुरूप नहीं था. ऐसे में उनकी सेवा को मान्यता नहीं दिये जाने के बाद भी डीइओ दुमका कार्यालय द्वारा बिना मामले की छानबिन किये ही 23-02-2002 से ही श्री साह को वेतन भुगतान की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गयी थी.

इसे घोर वित्तीय अनियमितता एवं लापरवाही माना गया था. इस मामले की छानबीन में दोषी पदाधिकारी-कर्मी को चिन्हित करते हुए कार्रवाई के निर्देश पहले जारी हुए थे. मामला जब जिला विधिक शाखा में पहुंचा, तब मनोज कुमार साह एवं संतोष कुमार मंडल की नियम के विरूद्ध सेवा की मान्यता देने एवं उन्हें वेतन भुगतान का आदेश निर्गत करने पर तत्कालीन प्रधान लिपिक शशि भूषण श्रीवास्तव एवं लिपिक मो इफ्तेखार को दोषी पाया गया है.

अवैध रूप से मनोज कुमार साह व संतोष कुमार मंडल के द्वारा उनचास लाख तिरपन हजार सात सौ इकतीस रूपये निकासी करने का आरोप है. सभी पर दुमका नगर थाना कांड संख्या 118/20 भादवि की धारा 409, 420, 467, 468 एवं 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.

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