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Dumka News: मैट्रिक परीक्षा मूल्यांकन केंद्र में लगी आग, 800 कॉपियां जलीं

Updated at : 19 Apr 2025 8:24 PM (IST)
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dumka news 800 copies burnt in matriculation examination evaluation centre

कॉपी मूल्यांकन केंद्र पर जांच करने के लिए पहुंचे अधिकारी. फोटो : प्रभात खबर

Dumka News: दुमका में एक मैट्रिक परीक्षा मूल्यांकन केंद्र में आग लग गयी. इसमें 800 कॉपियां जल गयीं. आग कैसे लगी और किसने लगायी, इसकी जांच की जा रही है. आशंका जतायी जा रही है कि असामाजिक तत्वों ने परीक्षा मूल्यांकन केंद्र में आग लगायी है. पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है. सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. साथ ही प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया है.

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Dumka News: झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) द्वारा ली गयी मैट्रिक परीक्षा की लगभग 800-900 कॉपियां दुमका के एक मूल्यांकन केंद्र में जल गयीं हैं. इनमें से 200 से 250 कॉपियां पूरी तरह से जल गयीं हैं. शेष कॉपियां आंशिक रूप से जली हैं. राहत की बात यह है कि जली हुईं कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका था. उसे अलग कमरे में रखा गया था. एक अन्य कमरे में वैसी कॉपियां रखी थी, जिनकी जिसका मूल्यांकन किया जाना बाकी है.

रात के 2:08 बजे कमरे में आग लगने की सूचना मिली

जिला शिक्षा पदाधिकारी भूतनाथ रजवार ने बताया कि दुमका जिले में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए 4 केंद्र बनाये गये हैं. इनमें से एक मूल्यांकन केंद्र श्रीरामकृष्ण आश्रम प्लस टू उच्च विद्यालय के एक कमरे में शुक्रवार की रात 2 बजकर 8 मिनट पर आग लगने की सूचना मिली. मूल्यांकन केंद्र की निदेशक और स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका प्रियंका कुमारी ने फोन पर उन्हें आग लगने की जानकारी दी.

रात में ही स्कूल पहुंचे पदाधिकारी

इससे पहले वहां के गार्ड ने प्रभारी प्रधानाध्यापिका को बताया कि एक कमरे में आग लगी है. प्रधानाध्यापिका के अलावा कुछ शिक्षक स्कूल पहुंचे थे. रात में ही थाना प्रभारी और डीइओ भी पहुंचे. तब तक आग बुझायी जा चुकी थी. सुबह भूमि सुधार उप समाहर्ता अब्दुस समद, जिला शिक्षा पदाधिकारी भूतनाथ रजवार, एसडीपीओ सदर विजय कुमार और अन्य पहुंचे और जांच-पड़ताल की. इस मामले में थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी है.

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खिड़की के नीचे के गैप से लगायी गयी आग

शुरुआती जांच में यह बात सामने आयी है कि साजिश के तहत इस विद्यालय के उसी कमरे को टारगेट किया गया, जहां उत्तर पुस्तिकाएं रखी गयीं थीं. इसके लिए भवन के पीछे लोहे की खिड़की के गैप से मोबिल-डीजल जैसी ज्वलनशील पदार्थ को डाला गया और उस गैप में प्लास्टिक आदि डाल दिया गया, ताकि आग सुलगते हुए उत्तर पुस्तिकाओं तक पहुंच जाये. पुलिस स्कूल के कमरे के अलावा आसपास के सीसीटीवी कैमरे भी खंगाल रही है.

घटना के बाद चारों मूल्यांकन केंद्रों पर पुलिस तैनात

मूल्यांकन केंद्र में रात के वक्त केवल स्कूल का गार्ड ही था. सुरक्षा-व्यवस्था के लिए जो 2 महिला पुलिसकर्मी तैनात थीं, उनकी ड्यूटी दिन में ही थी. रात के वक्त पुलिस की पेट्रोलिंग टीम इलाके की गश्त के लिए अलर्ट थी. 2-3 बार उस इलाके में पुलिस ने गश्त लगायी थी. इस घटना के बाद चारों मूल्यांकन केंद्रों में दिन के अलावा रात में भी पुलिस की ड्यूटी लगायी गयी है.

कहीं स्कूल को बदनाम करने की साजिश तो नहीं?

श्रीरामकृष्ण आश्रम उच्च विद्यालय में जिस तरह उत्तर पुस्तिकाओं को जलाया गया है, उससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं. शिक्षक वर्ग से लेकर आम जन में यह चर्चा आम है कि कहीं स्कूल की छवि खराब करने के लिए तो ऐसी साजिश नहीं रची गयी. बहरहाल, तमाम बिंदुओं पर पुलिस पड़ताल कर रही है. माना जा रहा है कि ऐसी घटना को अंजाम देने वाले असामाजिक तत्व की पहचान भी जल्द कर ली जायेगी.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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