ePaper

तसर की खेती से मिली निराशा, बढ़ा कर्ज का बोझ

Updated at : 09 Sep 2025 11:22 PM (IST)
विज्ञापन
तसर की खेती से मिली निराशा, बढ़ा कर्ज का बोझ

प्रखंड की मोहुलबोना पंचायत के पहाड़पुर गांव में मंगलवार को प्रभात खबर की ओर से महिला संवाद का आयोजन किया गया.

विज्ञापन

रानीश्वर. प्रखंड की मोहुलबोना पंचायत के पहाड़पुर गांव में मंगलवार को प्रभात खबर की ओर से महिला संवाद का आयोजन किया गया. इसमें तसर की खेती करने वाली महिलाएं पहुंचीं और अपनी समस्याएं रखीं. समाधान कैसे हो सकता है, इस पर भी चर्चा की. इस बार तसर की खेती करने वालों को भारी नुकसान उठाना पड़ा. गांव के सभी लोगों ने काठीकुंड से तसर की खेती के लिए बीज लाये थे. जंगल साफ कर पेड़ों की टहनियों की छंटाई कर खेती की पूरी प्रक्रिया पूरी की गयी थी. अंडे से कीड़ा भी निकला था. लेकिन कीड़ा मर जाने से खेती चौपट हो गयी. इसके कारण सभी को आर्थिक नुकसान हुआ. किसी ने उधार लेकर तो किसी ने सूद पर पैसा लेकर बीज खरीदा था. ऊपर से परिवार के सभी सदस्यों ने मिलकर तीन महीने तक मजदूरी की थी. पर बीज नष्ट हो जाने से न सिर्फ पैसा बर्बाद हुआ बल्कि तीन महीने की मेहनत भी बेकार चली गयी. महिलाओं ने बताया कि तसर की अच्छी खेती होने पर 50 से 60 हजार रुपये तक की आमदनी होती. लेकिन इस बार सभी को नुकसान हो गया. महिलाओं ने बताया कि काठीकुंड के सरकारी संस्थान से ही तसर बीज लाये गये थे. खेती करनेवाली महिलाओं की आपबीती 8000 रुपये में चार पैकेट तसर बीज (अंडा) खरीदे थे. पैसे नहीं रहने पर उधार लेकर खरीदे थे. लेकिन अंडे से कीड़ा निकलने के बाद कीड़ा मर जाने से सारी मेहनत और पैसा बेकार चला गया. ऊपर से ऋण का बोझ चढ़ गया. सानी मुर्मू मैंने भी उधार में तीन पैकेट बीज खरीदा था. सभी सदस्य दो-तीन महीने तक धूप और बारिश में भीग कर खेती के लिए मेहनत की. बीज नष्ट हो जाने से सारी मेहनत और पैसा बेकार चला गया. अब अगले साल तक इंतजार है. मीरु मुर्मू तसर की खेती कर अच्छी आमदनी की उम्मीद थी. लेकिन इस साल निराशा ही हाथ लगी. जंगल साफ कर पेड़ों की टहनियों की कटाई की थी. अंडे से कीड़ा निकला. कीड़ा नष्ट हो जाने से सब बेकार हो गया. कर्ज का बोझ बढ़ गया. झुमरी मरांडी तसर की खेती के लिए चार हजार रुपये में दो पैकेट बीज खरीदे थे. परिवार के सदस्यों ने मिलकर मेहनत की. किस कारण से कीड़ा मर गया, इसका पता नहीं चल सका. रोकथाम के लिए किसी तरह की व्यवस्था भी नहीं थी. लुमसी सोरेन तसर उत्पादन कर अच्छी आमदनी की उम्मीद से प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी अन्य ग्रामीणों के साथ खेती की थी. उधार में 4000 रुपये में दो पैकेट बीज खरीदे थे. लेकिन सब बेकार हो गया. एक साल बेकार चला गया. निरोजिनी मुर्मू इस बार अंडा ठीक नहीं था. काठीकुंड से ही अंडा लाये थे. किन कारणों से अंडे से निकला कीड़ा नष्ट हो गया. ता नहीं चल सका. तसर उत्पादन होने पर 50-60 हजार रुपये की आमदनी होती. मेहनत बेकार हो गयी. सकोदी हेंब्रम अंडा ही शायद ठीक नहीं था. नहीं तो सभी का कीड़ा नष्ट नहीं होता. हमलोग गरीब परिवार से हैं. तसर की खेती कर आमदनी होने से परिवार के खर्च में सहूलियत होती. लेकिन खेती नहीं हुई, ऊपर से ऋण का बोझ है. सुशांति हांसदा जंगली क्षेत्र में तसर उत्पादन कर अच्छी आमदनी का स्रोत है. जिस साल अच्छी उपज होती है, उस साल आमदनी भी ठीक होती है. बेचकर जो भी पैसा मिलता है, उस पैसे को परिवार के लिए खर्च किया जाता है. सब गड़बड़ हो गया. बुदीन मरांडी ग्रामीणों के साथ-साथ मैं भी परिवार वालों के साथ तसर की खेती में जुट गयी थी. उम्मीद के साथ मेहनत कर खेती भी की थी. अच्छी खेती कर आमदनी होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. मैंने भी तीन पैकेट बीज खरीदा था. बेकार हो गया. मीरुदी मरांडी इस बार तसर की खेती से जो नुकसान हुआ, उसकी भरपाई के लिए सरकार को पहल करनी चाहिए. और यह भी जांच होनी चाहिए कि किन कारणों से कीड़ा नष्ट हुआ. इस बार सारी मेहनत और पैसा बेकार चला गया. हुपनी टुडू इस बार ज्यादा नहीं, मात्र दो पैकेट बीज लेकर खेती की थी. इसमें चार हजार रुपये लगा था. ज्यादा बीज लेने से सभी पैसा बर्बाद हो जाता. तसर की खेती के लिए जून से लगना पड़ता है. चिलचिलाती धूप में काम करना पड़ा. सोहागिनी मुर्मू इस उम्र में भी तसर उत्पादन कर आमदनी करने की उम्मीद से ग्रामीणों के साथ खेती की थी. खेती की सारी प्रक्रिया पूरी की थी. पर इस बार सब कुछ गड़बड़ हो जाने से सारी मेहनत बेकार हो गयी. लागत नहीं निकल पाया. दुलड़ मरांडी

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAKESH KUMAR

लेखक के बारे में

By RAKESH KUMAR

RAKESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola